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वाराणसी दुष्कर्म केस: फरार आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने का आदेश
वाराणसी में दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में अदालत ने फरार चल रहे आरोपियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उनकी संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया है। सिविल जज (जूनियर डिविजन) एफटीसी-14 तरुण कुमार सिंह की अदालत ने आरोपी निशांत सिंह और शीतांशु सिंह के खिलाफ दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 83 के तहत कुर्की की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल को निर्धारित की गई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, चितईपुर क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता ने वर्ष 2024 में कोर्ट के आदेश पर शिवपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पीड़िता के अनुसार, कोरोना काल में उसके पिता की मृत्यु के बाद उसका संपर्क संजय कुमार और उसकी पत्नी से हुआ। दंपती ने उसे सहारा देने के बहाने अपने घर ले जाकर रखा, जहां उनके बेटे निशांत सिंह और शीतांशु सिंह भी रहते थे।
पीड़िता का आरोप है कि 27 मई 2021 को निशांत सिंह ने उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर आरोपी ने उसकी तस्वीरें खींचकर वायरल करने की धमकी दी। इसके बाद ब्लैकमेल कर कई बार उसका शोषण किया गया। आरोप है कि बाद में छोटे भाई शीतांशु ने भी उसके साथ गलत कार्य करने का प्रयास किया और धमकियां दीं। विरोध करने पर आरोपियों ने उसे झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी।
किसी तरह पीड़िता आरोपियों के चंगुल से निकलकर जयपुर पहुंची, लेकिन वहां भी उचित कार्रवाई न होने पर वह वाराणसी लौटी और पुलिस व उच्चाधिकारियों से शिकायत की। सुनवाई न होने पर उसने अदालत की शरण ली, जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज की गई।
विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपियों को क्लीन चिट देते हुए अंतिम रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। इस पर पीड़िता ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से प्रोटेस्ट याचिका दाखिल की। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने प्रथम दृष्टया आरोप सही पाते हुए दोनों आरोपियों को तलब किया।
आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद अदालत ने पहले धारा 82 के तहत उद्घोषणा जारी की थी। इसके बावजूद अदालत में पेश न होने पर अब धारा 83 के तहत उनकी संपत्ति कुर्क करने का आदेश पारित किया गया है।
