गाजीपुर
भाजपा नेता पीयूष कुमार राय के प्रयास से मंगई नदी के कायाकल्प की जगी उम्मीद
सिल्ट और झाड़-झंखाड़ से प्रभावित है जलप्रवाह, नमामि गंगे योजना के तहत प्राक्कलन तैयार
गाजीपुर। जिले में मंगई नदी की बदहाल स्थिति और जलधारा में जमा गाद को लेकर अब कायाकल्प की उम्मीद जगी है। सिल्ट और झाड़-झंखाड़ के कारण नदी का जलप्रवाह प्रभावित होने के साथ बारिश के दौरान आसपास के इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा बना रहता है।
मुख्यमंत्री तक पहुंचा नदी की बदहाली का मामला
नदी की समस्या को लेकर भाजपा नेता पीयूष कुमार राय ने पूर्व विधायक अलका राय का पत्र बीते 23 मई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपा था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसके बाद नमामि गंगे योजना के तहत 6 अगस्त 2026 को प्राक्कलन तैयार किया गया। अब नदी की सफाई, गाद हटाने और जलधारण क्षमता बढ़ाने की दिशा में जल्द काम शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
ड्रेजिंग और खनन का प्रस्ताव भेजा
नदी की क्षमता बढ़ाने के लिए आवश्यक स्थानों पर खनन और ड्रेजिंग का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इससे नदी की जलनिकासी क्षमता बढ़ने और बरसात के दौरान पानी के बेहतर प्रवाह की उम्मीद है।
जलनिकासी बेहतर होने की उम्मीद
नदी किनारे रहने वाले ग्रामीण लंबे समय से सिल्ट जमा होने और जलधारा सिकुड़ने की समस्या झेल रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नदी की सफाई और गहरीकरण होने से जलनिकासी व्यवस्था बेहतर होगी और किसानों को भी राहत मिल सकती है।
सरकार की ओर से मंगई नदी को लेकर शुरू की गई कार्रवाई से ग्रामीणों में उम्मीद जगी है। हालांकि ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों से क्षेत्र की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहने की अपील की है। उनका कहना है कि विकास कार्यों को लेकर श्रेय लेने के बजाय नदी और जनता से जुड़े मूल मुद्दों पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
