गाजीपुर
पीएचडी प्रवेश में देरी पर भड़के छात्र, कुलपति के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
चार साल में दो बार हुई प्रवेश परीक्षा, 2023 और 2025 का सत्र शून्य होने का आरोप
गाजीपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर में पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में लगातार देरी और सत्र पिछड़ने के विरोध में छात्र प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को मोर्चा खोला। छात्रों ने कुलपति के नाम संबोधित मांग पत्रक जिलाधिकारी गाजीपुर के प्रतिनिधि सदर तहसीलदार राजीव यादव को उनके कार्यालय में सौंपा।

कुलपति तक मांग पहुंचाने का आश्वासन
ज्ञापन सौंपते हुए छात्रों ने कहा कि गाजीपुर जिले के हजारों शोध इच्छुक विद्यार्थियों की समस्या से कुलपति को तत्काल अवगत कराया जाए और प्रवेश प्रक्रिया शुरू कराने के लिए कार्रवाई की जाए। सदर तहसीलदार राजीव यादव ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए छात्रों को आश्वासन दिया कि मांग पत्रक सक्षम प्राधिकारी और कुलपति को भेजा जाएगा।
2023 और 2025 का सत्र शून्य होने का आरोप
छात्रों ने ज्ञापन में दावा किया कि पिछले चार वर्षों में विश्वविद्यालय की पीएचडी प्रवेश परीक्षा केवल दो बार कराई जा सकी है। छात्रों के अनुसार, इसके कारण वर्ष 2023 और 2025 का पीएचडी सत्र शून्य हो गया। सितंबर का महीना बीतने को है, लेकिन सत्र 2026-27 के लिए अभी तक आवेदन प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है।

समय पर प्रक्रिया पूरी कराने की मांग
पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे हजारों छात्रों का शैक्षणिक और शोध भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सत्र 2026-27 के लिए पीएचडी प्रवेश परीक्षा की अधिसूचना तत्काल जारी करने की मांग की।
अकादमिक कैलेंडर जारी करने की मांग
छात्र नेता प्रद्युम्न सिंह यादव ‘राजन’ ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को स्पष्ट अकादमिक कैलेंडर जारी कर प्रवेश प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि एक महीने के भीतर प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो छात्र लोकतांत्रिक तरीके से धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करेंगे।
फॉर्म से गाइड आवंटन तक समय सीमा तय करने की मांग
छात्र किशन विश्वकर्मा ने कहा कि वर्ष 2022 से 2026 के बीच केवल दो बार प्रवेश परीक्षा होना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने फॉर्म भरने, परीक्षा, साक्षात्कार, डीआरसी-आरडीसी और शोध निर्देशक आवंटन तक की प्रक्रिया के लिए निश्चित समय सीमा तय करने की मांग की।
चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी
छात्र आकाश चौधरी ने कहा कि यह अभ्यर्थियों के अधिकार की लड़ाई है। उन्होंने बताया कि ज्ञापन की प्रतिलिपि राज्यपाल, उच्च शिक्षा मंत्री, यूजीसी सचिव और कुलसचिव को भी भेजी गई है। छात्रों ने मांगें पूरी नहीं होने पर सड़क से विश्वविद्यालय मुख्यालय तक चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी।
छात्रों की प्रमुख मांगें
छात्रों ने सत्र 2026-27 के लिए पीएचडी प्रवेश परीक्षा की विज्ञप्ति तत्काल जारी करने, फॉर्म, परीक्षा, साक्षात्कार और शोध निर्देशक आवंटन के लिए निश्चित अकादमिक कैलेंडर घोषित करने तथा वर्ष में दो बार पीएचडी प्रवेश परीक्षा कराने की नीति लागू करने की मांग की।
ये छात्र रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने वालों में पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय, प्रद्युम्न सिंह यादव ‘राजन’, आकाश चौधरी, किशन विश्वकर्मा, संजीद कुमार, अभिषेक गुप्ता सहित अन्य छात्र मौजूद रहे।
