मध्य प्रदेश
कुम्हारी में कागजों पर सीसी रोड निर्माण का आरोप
ग्रामीणों का दावा- मौके पर सड़क और नाली नहीं, जिला प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग
दमोह, मध्यप्रदेश। जनपद पंचायत पटेरा के अंतर्गत ग्राम पंचायत पटना कुम्हारी में वर्ष 2019 में स्वीकृत सीसी रोड और नाली निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि अभिलेखों में जिन स्थानों पर सीसी रोड और नाली निर्माण पूरा दिखाया गया है, वहां मौके पर निर्माण कार्य नहीं हुआ है। मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की गई है।

दो स्थानों पर निर्माण का दावा
ग्रामीणों के अनुसार हरिदास गड़रिया के घर से गोपाल विश्वकर्मा के घर तक तथा गोपाल विश्वकर्मा के घर से प्रधानमंत्री मुख्य सड़क मार्ग तक सीसी रोड और नाली निर्माण कार्य वर्ष 2019 में कराया जाना दर्शाया गया है। ग्रामीणों का दावा है कि मौके पर इन दोनों स्थानों पर सड़क और नाली दिखाई नहीं देती।
एक हिस्से में ही हुआ निर्माण
ग्रामीणों के मुताबिक सीसी रोड और नाली का निर्माण केवल हरिदास गड़रिया के घर से बल्ली बंसल के घर तक कराया गया है। ऐसे में अभिलेखों में दर्ज कार्य और मौके की स्थिति में कथित अंतर को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
जिम्मेदारों की भूमिका पर उठे सवाल
ग्रामीणों ने तत्कालीन सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, जनपद पंचायत के अधिकारियों और संबंधित विभागीय कर्मचारियों की भूमिका की जांच की मांग की है। उनका सवाल है कि यदि निर्माण कार्य अभिलेखों में पूर्ण दिखाया गया तो संबंधित अधिकारियों ने मौके पर सत्यापन कैसे किया और भुगतान किस आधार पर किया गया।
कलेक्टर से जांच की मांग
ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि निर्माण कार्य में वास्तविक स्थिति क्या रही और सरकारी धन का उपयोग किस प्रकार हुआ।
अन्य पंचायतों की भी जांच की मांग
ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि केवल पटना कुम्हारी तक जांच सीमित न रखकर जनपद पंचायत पटेरा की अन्य ग्राम पंचायतों में भी निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन कराया जाए। उनका कहना है कि जांच होने पर अन्य स्थानों पर भी निर्माण कार्यों में अनियमितताओं की स्थिति सामने आ सकती है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि संबंधित विभागीय जांच के बाद ही हो सकेगी।
