वाराणसी
पछुआ हवाओं ने बढ़ाई तपिश, हीट चैंबर बना शहर
वाराणसी। शहर में भीषण गर्मी का प्रकोप लगातार बना हुआ है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 44.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सत्र का अब तक का सबसे अधिक रहा। इसके साथ ही वाराणसी प्रदेश का दूसरा और देश का पांचवां सबसे गर्म शहर बन गया। बीएचयू क्षेत्र में बीते 24 घंटे में तापमान में 0.9 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई, जो सामान्य से 4.6 डिग्री अधिक है। वहीं न्यूनतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.3 डिग्री अधिक है।
दोपहर के समय हवा की गति भले कुछ कम रही, लेकिन पछुआ हवाओं ने वातावरण को तपता हुआ बना दिया। करीब 16 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही गर्म हवाओं के कारण पूरे शहर में हीट चैंबर जैसी स्थिति बनी रही और आसमान से आग बरसने जैसा अहसास होता रहा।
मौसम विभाग के अनुसार तापलहर का प्रभाव कम होने के बजाय लगातार बढ़ रहा है। पहले शनिवार और रविवार तक जारी रहने का अनुमान था, जिसे अब बढ़ाकर सोमवार तक कर दिया गया है। लखनऊ स्थित आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ विज्ञानी डा. अतुल कुमार सिंह के अनुसार निचले क्षोभ मंडल में गर्म हवाओं के प्रवाह और आंतरिक महाराष्ट्र के आसपास बने प्रतिचक्रवात के प्रभाव से प्रदेश में 27 अप्रैल तक लू की स्थिति बनी रह सकती है और तापमान में हल्की बढ़ोतरी भी संभव है।
हालांकि 26 अप्रैल से एक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते पश्चिमी उत्तर प्रदेश में छिटपुट वर्षा की शुरुआत हो सकती है, जो धीरे-धीरे पूर्वी हिस्सों की ओर बढ़ेगी। इसके चलते तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना जताई गई है और 27 अप्रैल के बाद लू के असर में कुछ कमी आ सकती है।
बीएचयू के मौसम विज्ञानी प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव के अनुसार 27 अप्रैल की दोपहर बाद या शाम से बंगाल की खाड़ी की ओर से पुरवा हवा का प्रभाव क्षेत्र में पहुंच सकता है। इससे वातावरण में नमी बढ़ेगी और शुष्क गर्मी के साथ उमस का असर महसूस होगा। साथ ही गरज-चमक के साथ बादल बनने की भी संभावना है।
शुक्रवार को देश के सर्वाधिक गर्म शहरों में प्रयागराज 45.2 डिग्री सेल्सियस के साथ पहले स्थान पर रहा, जबकि अकोला में 45 डिग्री, अमरावती और झारसुगुडा में 44.8 डिग्री, वर्धा में 44.4 डिग्री और वाराणसी में 44.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
