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गोरखपुर

नेपाल की लगातार बारिश से गोरखपुर में बढ़ा बाढ़ का खतरा

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राप्ती और सरयू खतरे के निशान से ऊपर, रोहिन भी लाल निशान के करीब; 10 बड़ी नाव और 11 मोटरबोट मंगाई गईं

गोरखपुर। नेपाल और पूर्वी उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के चलते गोरखपुर में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। जिले की प्रमुख राप्ती और सरयू नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जबकि रोहिन नदी भी खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच गई है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाते हुए राहत और बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। पूर्वी यूपी में नेपाल की बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में वृद्धि की पुष्टि हालिया रिपोर्टों में भी हुई है।

12 गांव बाढ़ से प्रभावित

बताया गया कि गोला, बांसगांव और चौरीचौरा तहसील क्षेत्र के करीब 12 गांव बाढ़ की स्थिति से प्रभावित हैं। निचले इलाकों में रहने वाले कुछ लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं। नदी की तेज धारा को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

राप्ती खतरे के निशान से 19 सेंटीमीटर ऊपर

30 सितंबर की सुबह सात बजे तक के आंकड़ों के अनुसार राप्ती नदी का जलस्तर 75.17 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 19 सेंटीमीटर ऊपर बताया गया है। प्रशासन की ओर से नदी के जलस्तर और प्रभावित इलाकों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

सरयू का जलस्तर भी बढ़ा

सरयू नदी का जलस्तर अयोध्या में खतरे के निशान से 33 सेंटीमीटर ऊपर बताया गया है। वहीं बलिया जिले के तुर्तीपार में यह खतरे के निशान से 69 सेंटीमीटर ऊपर है। इसके बीच पड़ने वाले गोरखपुर के निचले क्षेत्रों में भी सरयू के बढ़ते जलस्तर का असर दिखाई दे रहा है।

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रोहिन भी खतरे के बेहद करीब

रोहिन नदी का जलस्तर खतरे के निशान से महज एक सेंटीमीटर नीचे बताया गया है। जलस्तर में इसी तरह वृद्धि जारी रही तो नदी के जल्द खतरे के निशान को पार करने की आशंका है। नदी किनारे बसे गांवों के लोगों में इसे लेकर चिंता बढ़ गई है।

कुआनो नदी भी लाल निशान से ऊपर

कुआनो नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान से करीब एक मीटर 69 सेंटीमीटर ऊपर बताया गया है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि फिलहाल स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और पहले से ही एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।

प्रयागराज से मंगाई गईं नावें

स्थिति और बिगड़ने की आशंका को देखते हुए प्रयागराज से 10 बड़ी नाव और 11 मोटरबोट मंगाई गई हैं। इन्हें बांसगांव और चौरीचौरा क्षेत्रों में भेजा गया है। बड़हलगंज क्षेत्र के लिए भी प्रयागराज से नावें मंगाकर भेजने की तैयारी है। तेज धारा को देखते हुए छोटी नावों को राहत कार्य में नहीं लगाने का निर्णय लिया गया है।

सभी बाढ़ चौकियां अलर्ट

प्रशासन ने जिले की सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है। गोला, चौरीचौरा और बांसगांव तहसील क्षेत्रों में विशेष निगरानी की जा रही है। अधिकारियों की ओर से प्रभावित और संवेदनशील गांवों में स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

नदी किनारे नहीं जाने की अपील

प्रशासन ने लोगों से नदियों के किनारे जाने और पानी में स्नान करने से बचने की अपील की है। तेज बहाव को देखते हुए बच्चों और बुजुर्गों को नदी एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से दूर रखने की सलाह दी गई है।

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