गाजीपुर
ट्रेन से गिरकर 20 वर्षीय आशीष की मौत, परिवार में मचा कोहराम
खानपुर, गाजीपुर। थाना क्षेत्र के कलवारी गांव निवासी 20 वर्षीय आशीष बिंद की बुधवार को ट्रेन से गिरकर मौत हो गई। हादसा ताड़ीघाट रेलवे स्टेशन के पास हुआ। आशीष अपने ममेरे भाई समीर के साथ दिलदारनगर स्थित शायर माता के दर्शन के लिए जा रहा था। दर्शन के लिए घर से निकले युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
ताड़ीघाट स्टेशन के पास हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, आशीष बुधवार को समीर के साथ ट्रेन से दिलदारनगर जा रहा था। इसी दौरान ताड़ीघाट रेलवे स्टेशन के पास वह अचानक ट्रेन से नीचे गिर गया। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर परिजन मौके की ओर रवाना हुए।
पिता पंजाब में करते हैं पेंटिंग का काम
आशीष के पिता ओमप्रकाश बिंद पंजाब में घरों की पेंटिंग का काम करते हैं। बेटे की मौत की सूचना मिलने पर वह ट्रेन से घर के लिए रवाना हुए। वहीं, चाचा अशोक भी दिल्ली से ट्रेन पकड़कर घर पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद शव घर लाया गया। पिता के बाहर होने के कारण शव को बर्फ पर रखा गया और उनके पहुंचने का इंतजार किया गया।
पिता ने दी मुखाग्नि
गुरुवार को जोहरगंज स्थित राम तवक्का घाट पर आशीष का अंतिम संस्कार किया गया। पिता ओमप्रकाश बिंद ने बेटे को मुखाग्नि दी। इस दौरान परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों की आंखें नम रहीं। आशीष दो भाइयों और एक बहन में सबसे छोटा था। उसने हाल ही में आईटीआई के प्रथम वर्ष में दाखिला लिया था। पढ़ाई के साथ वह परिवार के कामकाज में भी हाथ बंटाता था।
मां की चीख-पुकार से गमगीन हुआ माहौल
बेटे की मौत की खबर से मां उर्मिला देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार बेटे को याद कर बिलखती रहीं। रोते हुए उन्होंने कहा, “हे भगवान, ई का बिपत डाल देहल, हमरे लाल के कहा ले गईला।” मां की पीड़ा सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
बहन और बड़े भाई का भी बुरा हाल
बहन सपना भाई की मौत से बेसुध हो जा रही थी, जबकि बड़े भाई सौरभ भी गहरे सदमे में हैं। परिजनों के अनुसार, सौरभ करीब एक साल से पेट की बीमारी का इलाज करा रहे हैं। घर में बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। शव घर पहुंचते ही रिश्तेदारों और ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। गांव के लोग परिजनों को ढांढस बंधाते रहे। दर्शन के लिए निकले आशीष की अचानक मौत से पूरा गांव स्तब्ध है।
