वाराणसी
जुलाई के पहले सप्ताह तक तैयार होगा गंजारी का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम
वाराणसी। प्रधानमंत्री के प्रस्तावित आगमन की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे मुख्यमंत्री ने स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान गंजारी में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कमिश्नर एस. राजलिंगम ने जानकारी दी कि स्टेडियम का निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है और इसे जुलाई के प्रथम सप्ताह तक पूरा कर लिया जाएगा, जबकि इसके लिए अप्रैल तक का समय निर्धारित किया गया था।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 23 सितंबर 2023 को राजातालाब के गंजारी क्षेत्र में इस स्टेडियम का शिलान्यास किया था और इसे अप्रैल 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया था। कार्यदायी संस्था एलएंडटी द्वारा अब तक करीब 90 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है। दर्शकों के बैठने के लिए स्टैंड तैयार किए जा रहे हैं और छह त्रिशूल आकार की फ्लड लाइट्स भी स्थापित कर दी गई हैं। स्टेडियम का पवेलियन, जिसमें खिलाड़ियों के ड्रेसिंग रूम और विशिष्ट दर्शकों के बैठने की व्यवस्था होगी, अंतिम चरण में है और इसे डमरू के आकार में विकसित किया जा रहा है।

करीब 30.672 एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रहे इस स्टेडियम के मुख्य मैदान में नौ पिच तैयार की गई हैं, जबकि पांच प्रैक्टिस पिच भी बनाई गई हैं। निर्माण पूरा होने के बाद यह स्टेडियम न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि बिहार, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के लिए भी उपयोगी साबित होगा। यहां अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय क्रिकेट मैचों के अलावा बैडमिंटन, टेबल टेनिस और तैराकी जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।
प्रदेश में कानपुर के ग्रीन पार्क और लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम के बाद यह तीसरा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम होगा। इसमें एक साथ 30 हजार दर्शकों के बैठने की व्यवस्था होगी, जिसे आवश्यकता अनुसार 10 हजार तक बढ़ाया जा सकता है। स्टेडियम के निर्माण पर कुल 451 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जिसमें 120 करोड़ रुपये भूमि अधिग्रहण पर राज्य सरकार द्वारा और 331 करोड़ रुपये निर्माण कार्य पर बीसीसीआइ (BCCI) द्वारा व्यय किए जा रहे हैं।
स्टेडियम के पूरे परिसर को काशी की सांस्कृतिक छवि के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। इसकी डिजाइन भगवान शिव से प्रेरित है, जिसमें अर्धचंद्राकार छत, त्रिशूल आकार की फ्लडलाइट्स, डमरू आकार का पवेलियन और बेलपत्र के स्वरूप वाले प्रवेश द्वार व सजावट शामिल हैं।
