गोरखपुर
गोरखपुर स्टेशन पर लगा ‘टाक बैक’ सिस्टम, टिकट काउंटरों पर शोर होगा कम
गोरखपुर। रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटरों पर अब यात्रियों और क्लर्कों को बातचीत के लिए ऊंची आवाज में बोलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सामान्य आवाज में बातचीत करने पर भी दोनों पक्ष एक-दूसरे की बात स्पष्ट रूप से सुन सकेंगे। इसके लिए स्टेशन के जनरल टिकट हाल के सभी 10 काउंटरों और पूछताछ काउंटर पर ‘टाक बैक’ साउंड सिस्टम स्थापित कर दिया गया है।
इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद भीड़भाड़ के बीच भी काउंटरों के सामने खड़े यात्री और क्लर्क आसानी से संवाद कर सकेंगे। रेलवे प्रशासन का मानना है कि इससे टिकट हाल में होने वाले शोर-शराबे पर नियंत्रण लगेगा और टिकट बुकिंग प्रक्रिया अधिक सुगम हो जाएगी।
गर्मी के दिनों में जनरल टिकट काउंटरों पर लंबी कतारें लग जाती हैं। चारों तरफ से बंद हाल में अत्यधिक शोर होने के कारण यात्रियों और बुकिंग क्लर्कों को एक-दूसरे से बात करने के लिए तेज आवाज में बोलना पड़ता था। खिड़की में बने छोटे होल की वजह से आवाज स्पष्ट नहीं पहुंच पाती थी, जिससे कई बार यात्री और क्लर्क आपस में नाराज भी हो जाते थे। टिकट को लेकर कहासुनी की घटनाएं भी सामने आती थीं, जिसका असर टिकट बुकिंग व्यवस्था पर पड़ता था।
‘टाक बैक’ साउंड सिस्टम शुरू होने के बाद हाल में गूंजने वाली आवाजों में कमी आएगी और टिकटों की बुकिंग अधिक तेजी से हो सकेगी। रेलवे प्रशासन को उम्मीद है कि इससे यात्रियों और रेलकर्मियों दोनों को राहत मिलेगी।
स्टेशन डायरेक्टर रतन दीप गुप्ता ने बताया कि यात्रियों और रेलकर्मियों की सुविधा के लिए यह ‘टाक बैक’ सिस्टम लगाया गया है। गोरखपुर जंक्शन के सभी काउंटरों पर यह व्यवस्था शुरू कर दी गई है। यात्रियों को रेल वन एप और मोबाइल यूटीएस एप के माध्यम से ऑनलाइन जनरल टिकट और प्लेटफार्म टिकट बुक करने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है, ताकि उन्हें लाइन में न लगना पड़े।
उन्होंने बताया कि आटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनों को भी चालू कर दिया गया है। रेलवे का प्रयास है कि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। महाप्रबंधक के मार्गदर्शन और मंडल रेल प्रबंधक के निर्देशन में यात्री सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। स्टेशन के पुनर्विकास और सौंदर्यीकरण का कार्य भी तेजी से जारी है।
