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गोरखपुर

गुप्त नवरात्रि पर माँ बगलामुखी धाम में नौ दिवसीय विशेष साधना शिविर 15 जुलाई से

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दिव्य पीतांबरा फाउंडेशन के तत्वावधान में 23 जुलाई तक होंगे मंत्र जाप, हवन, दुर्गा सप्तशती पाठ व वैदिक अनुष्ठान

श्रद्धालु ऑनलाइन और प्रत्यक्ष दोनों माध्यमों से पूजा-अनुष्ठान में बन सकेंगे सहभागी, विश्व कल्याण व सुख-समृद्धि की होगी कामना

गोरखपुर (दुर्गेश मिश्र)। दिव्य पीतांबरा फाउंडेशन के तत्वावधान में आषाढ़ गुप्त नवरात्रि के पावन अवसर पर गोरखपुर स्थित माँ बगलामुखी धाम में 15 से 23 जुलाई तक नौ दिवसीय विशेष साधना शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर के दौरान माँ भगवती की विशेष आराधना, बीज मंत्र जाप, वैदिक हवन एवं विविध धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से विश्व कल्याण, राष्ट्र की सुख-समृद्धि तथा श्रद्धालुओं के जीवन में शांति, समृद्धि और मंगल की कामना की जाएगी।

हिंदू धर्म में गुप्त नवरात्रि को साधना, मंत्र सिद्धि और देवी उपासना का विशेष पर्व माना जाता है। वर्ष में आने वाली चार नवरात्रियों में आषाढ़ और माघ की गुप्त नवरात्रि आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन नौ दिनों में श्रद्धा एवं विधि-विधान से की गई देवी आराधना साधक को आत्मबल, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करती है।

शिविर के दौरान प्रतिदिन 18 हजार बीज मंत्र जाप, दुर्गा सप्तशती पाठ, रुद्राभिषेक, माँ बगलामुखी का विशेष मंत्र जाप, अष्ट प्रकार से अर्चन, वैदिक हवन एवं पूजन संपन्न कराया जाएगा। श्रद्धालु अपने नाम एवं गोत्र से प्रत्यक्ष अथवा ऑनलाइन माध्यम से इन अनुष्ठानों में सहभागिता कर सकेंगे।

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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माँ बगलामुखी दस महाविद्याओं में आठवीं महाविद्या हैं। उन्हें शत्रु बाधा, न्यायिक विवाद, नकारात्मक शक्तियों से रक्षा तथा आत्मबल और विजय की अधिष्ठात्री देवी के रूप में पूजा जाता है। वहीं माँ दुर्गा शक्ति, साहस, करुणा और धर्म की प्रतीक मानी जाती हैं। नवरात्रि के दौरान उनकी उपासना से आत्मविश्वास, संयम और सकारात्मक सोच का संचार होने तथा जीवन की कठिनाइयों से लड़ने की शक्ति प्राप्त होने की मान्यता है।

दिव्य पीतांबरा फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि गुप्त नवरात्रि के नौ दिनों तक प्रतिदिन सुबह और शाम विशेष पूजा-अर्चना एवं हवन आयोजित होंगे। सभी श्रद्धालुओं के लिए दर्शन, पूजा और प्रसाद वितरण की व्यवस्था रहेगी। संस्था ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होकर माँ बगलामुखी एवं माँ दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है। साथ ही जो श्रद्धालु व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकते, वे भी ऑनलाइन माध्यम से अपने नाम और गोत्र के साथ पूजा-अनुष्ठान में सहभागी बन सकते हैं।

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