गाजीपुर
केमिकल युक्त नकली दूध बन रहा गंभीर स्वास्थ्य खतरा
शादी-विवाह के सीजन में बढ़ा मिलावटी दूध का कारोबार, विशेषज्ञों ने बरतने को कहा सतर्कता
बहरियाबाद (गाजीपुर)। बहरियाबाद एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों शुद्ध दूध की कमी के बीच मिलावटी और कथित सिंथेटिक दूध के इस्तेमाल की शिकायतें बढ़ रही हैं। विशेषकर शादी-विवाह के मौसम में दूध और दुग्ध उत्पादों की बढ़ती मांग के चलते नकली दूध के कारोबार को लेकर लोगों में चिंता बढ़ी है।
बच्चों के पोषण पर पड़ रहा असर
ग्रामीणों का कहना है कि शुद्ध दूध की उपलब्धता कम होने से छोटे बच्चों के लिए पौष्टिक दूध की व्यवस्था करना कठिन होता जा रहा है। ऐसे में मिलावटी दूध का सेवन बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
सिंथेटिक दूध से स्वास्थ्य को खतरा
जानकारों के अनुसार सिंथेटिक दूध तैयार करने में यूरिया, डिटर्जेंट, कास्टिक सोडा, निम्न गुणवत्ता के तेल और अन्य रासायनिक पदार्थों के उपयोग की आशंका रहती है। ऐसे पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
पाचन तंत्र, किडनी और लिवर पर असर
विशेषज्ञों के मुताबिक मिलावटी दूध के सेवन से पेट दर्द, उल्टी, दस्त और पाचन संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। लंबे समय तक ऐसे पदार्थों के सेवन से किडनी और लिवर पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है।
बच्चों के विकास पर पड़ सकता है प्रभाव
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों के लिए दूध पोषण का प्रमुख स्रोत है। यदि दूध की गुणवत्ता खराब हो तो शारीरिक विकास, हड्डियों की मजबूती और समग्र स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है।
खाद्य सुरक्षा विभाग से कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग से नियमित जांच अभियान चलाने और मिलावटी दूध के कारोबार पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों से भी अपील की गई है कि दूध की गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर संबंधित विभाग को तत्काल सूचना दें।
जागरूकता ही बचाव का सबसे बड़ा माध्यम
विशेषज्ञों का मानना है कि मिलावटी खाद्य पदार्थों के प्रति जागरूकता और नियमित जांच से ही इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। नागरिकों को विश्वसनीय स्रोतों से ही दूध एवं दुग्ध उत्पाद खरीदने की सलाह दी गई है।
