वाराणसी
PNG शुरू होते ही LPG सरेंडर अनिवार्य, तीन महीने का अल्टीमेटम
वाराणसी। जिले में पाइपलाइन गैस (पीएनजी) व्यवस्था लागू होने के बाद अब 9330 घरों को अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने होंगे। प्रशासन की ओर से इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। जिन घरों में गेल (सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन) के माध्यम से पीएनजी आपूर्ति शुरू हो चुकी है, वहां एलपीजी कनेक्शन रखना नियमों के खिलाफ माना जाएगा। उपभोक्ताओं को कनेक्शन जमा करने के लिए तीन महीने का समय दिया गया है।
गेल के अधिकारियों के अनुसार केंद्र सरकार द्वारा ‘लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (आपूर्ति और वितरण विनियमन) आदेश-2000’ में संशोधन के बाद एक ही घर में दो प्रकार के गैस कनेक्शन रखना अवैध घोषित किया गया है। ऐसे में जिन उपभोक्ताओं के घरों तक पीएनजी सुविधा पहुंच चुकी है, उन्हें एलपीजी कनेक्शन छोड़ना अनिवार्य होगा।
गेल के चीफ मैनेजर प्रवीण गौतम ने बताया कि गैस सिलिंडर की कमी को ध्यान में रखते हुए जिले में तेजी से पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वर्तमान समय में 80 हजार से अधिक घरों में पीएनजी की आपूर्ति शुरू हो चुकी है। केवल अप्रैल महीने में ही 9330 नए घरों को इस सुविधा से जोड़ा गया, जिससे कई क्षेत्रों में गैस की समस्या में कमी आई है।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन कॉलोनियों में पीएनजी पाइपलाइन चालू हो चुकी है, वहां के उपभोक्ता अब किसी भी सरकारी तेल कंपनी या डिस्ट्रीब्यूटर से एलपीजी सिलिंडर की रिफिलिंग नहीं करा सकेंगे। यदि कोई उपभोक्ता नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डीएलडब्ल्यू, बीएचयू के आसपास के इलाके, सुंदरपुर, चांदपुर, चितईपुर, पांडेयपुर, शिवपुर और सारनाथ समेत कई क्षेत्रों में पीएनजी नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया गया है। प्रशासन ने गैस एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि वे उपभोक्ताओं के डेटा का मिलान कर नियमों का पालन सुनिश्चित करें। इस व्यवस्था से गैस आपूर्ति प्रणाली को अधिक सुव्यवस्थित बनाने के साथ ही एलपीजी सिलिंडर की उपलब्धता में सुधार की उम्मीद जताई गई है।
