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वाराणसी

BHU : अम्बेडकर जयंती पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आज

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‘अर्हत फाउंडेशन छात्रवृत्ति’ के परिणामों की भी होगी घोषणा

वाराणसी। विश्वरत्न भारत रत्न बोधिसत्व बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 135वीं जयंती के पावन अवसर पर काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बी.एच.यू.) में 14 अप्रैल 2026 को एक भव्य राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम चिकित्सा विज्ञान संस्थान (आई.एम.एस.), बीएचयू के के.एन. उडुपा सभागार में प्रातः 10:00 बजे से अपराह्न 3:00 बजे तक आयोजित होगा।

इस वर्ष संगोष्ठी का मुख्य विषय “बाबा साहब डॉ. बी.आर. अम्बेडकर: समावेशी भारत के निर्माण में शिक्षा, न्याय व समानता की भूमिका” रखा गया है, जिसमें शिक्षा, सामाजिक न्याय और समान अवसरों के महत्व पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।


इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रदेश और विश्वविद्यालय के कई प्रमुख अधिकारी एवं शिक्षाविद शामिल होंगे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुकेश मेश्राम (अतिरिक्त मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन) अध्यक्षता प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी (कुलपति, बीएचयू) विशिष्ट अतिथि के रूप में एस. राजलिंगम (कमिश्नर, वाराणसी) एवं प्रो. एस.एन. शंखवार (निदेशक, आईएमएस, बीएचयू) अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।

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‘अर्हत फाउंडेशन छात्रवृत्ति 2026’ के परिणाम होंगे घोषित

कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण ‘अर्हत फाउंडेशन छात्रवृत्ति 2026’ के परिणामों की घोषणा भी होगी। कार्यक्रम की पूर्व संध्या पर 13 अप्रैल को इस छात्रवृत्ति के लिए 240 से अधिक आवेदकों का साक्षात्कार सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

यह छात्रवृत्ति विशेष रूप से बीएचयू के अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के पात्र छात्र-छात्राओं के लिए शुरू की गई है। इसके तहत चयनित विद्यार्थियों को प्रथम स्नातक या स्नातकोत्तर डिग्री पूरी होने तक प्रतिवर्ष ₹10,000 की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही उन्हें शैक्षिक विशेषज्ञों द्वारा विशेष मार्गदर्शन (मेंटॉरशिप) भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उनके शैक्षणिक और व्यावसायिक विकास को बढ़ावा मिल सके।

शिक्षा और समानता के मूल्यों को बढ़ावा देने का उद्देश्य

आयोजकों के अनुसार, इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य बाबा साहब डॉ. अम्बेडकर के विचारों और सिद्धांतों को समाज में प्रसारित करना तथा शिक्षा, न्याय और समानता के मूल्यों को सशक्त बनाना है। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को सामाजिक समरसता और समावेशी विकास की दिशा में प्रेरित किया जाएगा।

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शिक्षकों, छात्रों और पत्रकारों से सहभागिता की अपील

यह कार्यक्रम प्रो. एम.पी. अहिरवार (विभागाध्यक्ष, प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग) के संरक्षण तथा प्रो. बी. राम (पूर्व विभागाध्यक्ष, द्रव्यगुण विभाग, आईएमएस) के संयोजन में आयोजित किया जा रहा है।आयोजकों ने सभी पत्रकार बंधुओं, शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों से इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में उपस्थित होकर इसे सफल बनाने की अपील की है।

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