पूर्वांचल
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के एक महीने बाद थाना प्रभारी समेत 15 पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आजमगढ़ सत्यवीर सिंह के आदेश के एक माह बाद अहरौला पुलिस ने तत्कालीन पवई थाना प्रभारी संजय कुमार समेत 15 पुलिसकर्मियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में 27 अक्टूबर को मुकदमा दर्ज कर लिया है। यह मामला 7 मार्च 2020 का है जब गीता देवी ने आरोप लगाया कि उनके पति इंद्रजीत जो फुलवरिया बाजार की वियर दुकान में सेल्समैन थे से पवई पुलिस ने अवैध धन की मांग की थी। मांग पूरी न करने पर पुलिसकर्मी उनके घर आए और गाड़ी की चाबी मांगने लगे।
विरोध करने पर घर में घुसकर एक लाख बीस हजार रुपये आभूषण और अन्य सामान लूट लिए और परिजनों से मारपीट की। इसके बाद इंद्रजीत और उनके सहकर्मी संचित यादव को पकड़कर गाड़ी में बैठाकर ले गए और उन्हें जेल भेज दिया।लॉकडाउन के चलते कोई कार्रवाई न हो सकी लेकिन 4 जून 2020 को उन्हें हाईकोर्ट से जमानत मिल गई।
कोर्ट के आदेश के बावजूद गाड़ी भी नहीं छोड़ी गई, जिस पर कई अधिकारियों को सूचना दी गई। मामला अक्तूबर 2020 में कोर्ट तक पहुंचा जहां कोर्ट ने 26 सितंबर 2024 को तत्कालीन थाना प्रभारी संजय कुमार समेत 15 पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।
कोर्ट के आदेश के बाद भी मुकदमा दर्ज न होने पर गीता देवी ने अवमानना की अर्जी दी जिस पर अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि अब मुकदमा दर्ज कर साक्ष्य के आधार पर जांच की जा रही है।
