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वाराणसी

राजकीय महिला महाविद्यालय बीएलडब्ल्यू में सोमनाथ धाम की सनातन यात्रा पर राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न

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वाराणसी। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, डीएलडब्ल्यू के इतिहास विभाग द्वारा शनिवार को “सोमनाथ धाम की सनातन यात्रा : अध्यात्म, संस्कृति और इतिहास का संगम” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन हाइब्रिड मोड में किया गया। संगोष्ठी सोमनाथ धाम गौरव के 75वें वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित हुई, जिसमें देशभर के विद्वानों, शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं मंगलाचरण से हुआ। प्राचार्य प्रो. डॉ. बृज किशोर त्रिपाठी ने कहा कि सोमनाथ धाम भारतीय आस्था, संस्कृति और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक है। निदेशक उच्च शिक्षा प्रो. बीएल शर्मा ने कहा कि सोमनाथ भारत की सांस्कृतिक चेतना और पुनर्निर्माण की जीवंत परंपरा का प्रतीक है तथा ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को भारतीय इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हैं।

मुख्य वक्ता डॉ. प्रवेश भारद्वाज, इतिहास विभाग, काशी हिंदू विश्वविद्यालय ने सोमनाथ धाम को भारतीय सभ्यता की निरंतरता और सांस्कृतिक धैर्य का प्रतीक बताया। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी प्रो. ज्ञान प्रकाश वर्मा ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में इतिहास-बोध और सांस्कृतिक चेतना विकसित करने में सहायक हैं।

विशिष्ट वक्ता प्रो. आनंद चौधरी, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ ने सोमनाथ को भारतीय तीर्थ परंपरा और लोकआस्था का महत्वपूर्ण केंद्र बताया। केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड के कुलाधिपति प्रो. जेपी लाल ने कहा कि सोमनाथ का पुनर्निर्माण स्वतंत्र भारत के सांस्कृतिक आत्मविश्वास का प्रतीक है। जेएनयू के डॉ. ब्रजेश कुमार तिवारी ने मंदिरों के सांस्कृतिक एवं आर्थिक महत्व पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम का संचालन प्रो. रचना शर्मा ने किया। समापन सत्र में आयोजन सचिव डॉ. कमलेश कुमार तिवारी ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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