सियासत
राघवेन्द्र चौबे ने रविंद्र जायसवाल के बयान को बताया हताशा का प्रतीक
वाराणसी। महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेन्द्र चौबे ने प्रदेश सरकार के मंत्री रविंद्र जायसवाल द्वारा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय पर की गई टिप्पणी को लेकर कड़ा एतराज जताया है। उन्होंने इसे न केवल निंदनीय बल्कि अमर्यादित बताते हुए कहा कि यह बयान सत्ता के अहंकार में डूबे एक बौखलाए मंत्री की मानसिकता को दर्शाता है।
जारी बयान में चौबे ने कहा कि जब सरकार के मंत्री जनता के मूल मुद्दों पर जवाब देने में असफल हो जाते हैं, तो वे व्यक्तिगत आरोपों और निम्नस्तरीय भाषा का सहारा लेते हैं। उनके अनुसार, रविंद्र जायसवाल का हालिया बयान इसी हताशा और विफलता का प्रतीक है और यह स्पष्ट करता है कि सरकार के पास जनता के सवालों का ठोस उत्तर नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि ध्यान भटकाने के लिए इस प्रकार की स्तरहीन राजनीति अपनाई जा रही है।
महानगर अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि क्या यही भाजपा सरकार की राजनीतिक संस्कृति और शिष्टाचार है। उन्होंने कहा कि एक मंत्री द्वारा इस तरह की भाषा का प्रयोग पूरे शासन तंत्र की सोच पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। चौबे ने इसे केवल अजय राय का ही नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता की लोकतांत्रिक भावनाओं का भी अपमान बताया।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी इस तरह की व्यक्तिगत और अशोभनीय राजनीति को कतई स्वीकार नहीं करेगी। यदि मंत्री रविंद्र जायसवाल तत्काल माफी नहीं मांगते हैं, तो सड़कों से लेकर सदन तक लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब दिया जाएगा।
राघवेन्द्र चौबे ने कहा कि जनता अब सब समझ रही है और महंगाई, बेरोजगारी तथा किसानों की समस्याओं जैसे असली मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन यह राजनीति अधिक समय तक नहीं चलेगी। अंत में उन्होंने मंत्री को सलाह दी कि दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने आचरण और जिम्मेदारियों पर ध्यान दें, क्योंकि लोकतंत्र में संवाद की मर्यादा सर्वोपरि होती है और इसे तोड़ने वालों को जनता कभी माफ नहीं करती।
