वाराणसी
बीएचयू में व्याप्त भ्रष्टाचार और विश्वविद्यालय को सुविधा युक्त बनाने के लिए यूपी कांग्रेस ने चीफ प्रॉक्टर को सौंपा पत्रक
वाराणसी। पिछले दिनों महामना की बगिया यानी काशी हिंदू विश्वविद्यालय जनहित से जुड़े कई महत्वूर्ण मुद्दों जिनमे सर सुंदर लाल हॉस्पिटल में बड़े पैमाने पर व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर, भ्रष्टाचार और इस भ्रष्टाचार की वजह से आम जनता को हो रही तकलीफों को लेकर, भ्रष्टाचार की आवाज उठाने वाले तथा भ्रष्टाचार के खिलाफ आमरण अनशन पर बैठे प्रोफेसर ओम शंकर का समर्थन करने वाले बीएचयू के वरिष्ठ प्रोफेसरों को विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी किए गए नोटिस को लेकर तथा बीएचयू में लगातार हो रहे हरे पेड़ों की कटाई जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर, राष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में लगातार बना रहा।
वस्तुतः बीएचयू के ही हृदय रोग विभाग के अध्यक्ष मशहूर हृदय रोग विशेषज्ञ प्रोफेसर ओम शंकर द्वारा जनता के हितों को लेकर लगातार उठाए जा रहे मुद्दों पर विश्वविद्यालय द्वारा अब तो कोई ठोस कार्यवाही नहीं किए जाने पर मंगलवार को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय के निर्देशानुसार 18 जून को महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे के नेतृत्व में कांग्रेसजनों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बीएचयू की वैश्विक गरिमा को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए विश्वविद्यालय से जुड़े चार वैश्विक महत्व के मुद्दों के मद्देनजर बीएचयू के कुलपति प्रोफेसर सुधींद्र जैन से मिलने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बीएचयू स्थित केंद्रीय कार्यालय स्थित कुलपति कार्यालय पहुंचे।

जहां कुलपति ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के बावजूद बिना किसी सूचना के कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल से मिलने से इंकार कर दिया। पुनः बीएचयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष वरिष्ठ कांग्रेस नेता अनिल श्रीवास्तव के कहने पर बीएचयू के चीफ प्रॉक्टर प्रो. शिव प्रकाश सिंह को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय द्वारा हस्ताक्षरित पत्रक को सौंपा । प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय द्वारा जो चार महत्वपूर्ण मांगे इस पत्रक में की गई हैं, उनमें –
1 – काशी हिंदू विश्वविद्यालय एक वैश्विक महत्व का शिक्षण संस्थान है। इस विशिष्ट संस्थान पर भारत के कई प्रदेशों से स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने के लिए आने वाले रोगियों का बहुत अधिक दबाव है। अतः ऐसे में हृदय रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ ओम शंकर द्वारा विभाग की बेहतरी के लिए जो भी मांगे मांगी गई हैं, उनपर तत्काल सकारात्मक कार्यवाही करें , जिससे कि क्षेत्र की जनता से न्याय हो सके।
2 – मरीजों और विश्वविद्यालयों की सेवा में दिन रात लगे शिक्षकों और कर्मचारियों को नोटिस देने से विश्वविद्यालय का कार्य प्रभावित होता है। अतः यहां के शिक्षकों और कर्मचारियों को जो नोटिस दी गई है उसे तत्काल वापस लिया जाये।
3 – महामना की पावन बगिया की पहचान यहां की हरितिमा से मानी जाती रही है। विश्वविद्यालय परिसर में हर तरफ ऊंचे ऊंचे पेड़ों की पक्तियां, सैकड़ों साल पुराने दरख़्त और उससे यहां के शैक्षणिक परिसर की अद्भुत छटा का मनोरम रूप पूरे विश्व में विख्यात है। पर पिछले कुछ सालों से लगातार महामना की बागिया के इन पेड़ों की धुंआधार कटाई से इस विश्वविद्यालय को काफी हानि पहुंचाई जा रही है, जो कि दुखद है। अतः अविलंब पेड़ों की कटाई का काम रोक दिया जाये, जिससे की पर्यावरण के लिहाज से इस परिसर को बचाया जा सके।
4 – विश्वविद्यालय में लंबे अर्से से कार्यकारिणी परिषद का निर्माण नही हुआ है, जिससे की यहां के शिक्षक और छात्र लंबे समय से नाराज हैं। अतः इस संदर्भ में सकारात्मक पहल करते हुए इसका जल्द से जल्द निर्माण किया जाये।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय द्वारा बीएचयू के कुलपति को भेजे गए उपरोक्त चार सूत्रीय मांगों पर आधारित ज्ञापन पत्र को जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल एवं राघवेंद्र चौबे ने कुलपति के न आने पर उनके प्रतिनिधि विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर शिव प्रकाश सिंह को दिया।
साथ ही यह मांग भी की कि कुलपति मिले या न मिलें, पर वह यह बात समझ लें कि यह विश्वविद्यालय ऐतिहासिक महत्व का विश्वविद्यालय है। जिसकी स्थापना खुद राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जैसे इतिहास प्रसिद्ध महामनवों ने की है। इसकी गरिमा और इसके वैश्विक महत्व पर हम कांग्रेस के लोग आंच नहीं आने देंगे। अगर जल्द से जल्द इन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर कुलपति द्वारा कार्यवाही नहीं की गई तो हम कांग्रेस के लोग अपने राष्ट्रीय धरोहर को बचाने के लिए आंदोलन का रास्ता पकड़ेंगे।
इस अवसर जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल,राघवेंद्र चौबे, बीएचयू के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष वरिष्ठ कांग्रेस नेता अनिल श्रीवास्तव, फसाहत हुसैन बाबू, डॉ राजेश गुप्ता, विनोद सिंह, वकील अंसारी, अरुण सोनी, प्रमोद वर्मा, राणा रोहित, मुरारी यादव, आशिष पटेल, मुहम्मद उज्जैर, सुमन आनन्द, संभु कन्नौजिया, रेहान, अछय,अतुल, स्वर्णजीत, आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहें।
