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वाराणसी

खसरा से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग करेगा घर-घर भ्रमण

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सीएमओ ने गृह भ्रमण कर टीकाकरण के प्रति उदासीन परिवारों से ली जानकारी

खसरा है गंभीर बीमारी, समय से लगवाएँ बच्चों को एमआर के दोनों टीके

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रिपोर्ट – मनोकामना सिंह

वाराणसी। देश के विभिन्न राज्यों में खसरा (मीजिल्स) से ग्रसित बच्चे पाये गए हैं । इस क्रम में वाराणसी सहित पूरे प्रदेश में भी खसरा के प्रति स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है । विभग ने इससे सावधानी बरतने के निर्देश जारी किए हैं । जनपद में इसकी हकीकत जानने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संदीप चौधरी ने क्षेत्र में जाकर टीकाकरण केन्द्रों के साथ घर-घर भ्रमण भी किया ।
शनिवार को सीएमओ ने शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौकाघाट के अंतर्गत बच्चों के टीकाकरण के प्रति उदासीन परिवारों के क्षेत्र काजी सहदुल्लापुर वार्ड, ढेलवरिया का निरीक्षण किया । इस दौरान सीएमओ ने उदासीन परिवारों से बातचीत कर बच्चों के टीकाकरण न कराने के बारे में जानकारी ली और टीकाकरण कराने के लिए प्रोत्साहित किया । तत्पश्चात सीएमओ ने सीएचसी चौकाघाट पर चौकाघाट, अशफाक़ नगर, बड़ी बाजार, आदमपुर पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों व अन्य चिकित्साधिकारियों के साथ बैठक कर खसरा बीमारी की रोकथाम एवं समय से सभी बच्चों को टीकाकरण करने के लिए निर्देशित किया । उन्होने निर्देशित किया कि घर-घर भ्रमण कर खसरा बीमारी लक्षण युक्त बच्चे पाये जाते हैं तो इसकी सूचना तत्काल जिला प्रतिरक्षण अधिकारी को अनिवार्य रूप से दें । इसके अलावा सीएमओ ने निजी चिकित्सालय एवं चिकित्सकों को निर्देशित किया कि यदि आपके चिकित्सालय में मीजिल्स से ग्रसित बच्चा आता है तो इसकी समस्त जानकारी जिला प्रतिरक्षण अधिकारी को प्रदान करें जिससे उसके क्षेत्र में निरोधात्मक कार्यवाई की जा सके । सीएमओ ने अपील की है कि बच्चों को उम्र के अनुसार सभी टीके समय से जरूर लगवाएँ । टीकाकरण से ही विभिन्न बीमारियों को बचाया जा सकता है ।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ निकुंज कुमार वर्मा ने बताया कि खसरा, वायरस से फैलने वाली एक गंभीर जानलेवा बीमारी है । इसके फैलने से लाल दाने निकलना शुरू हो जाते हैं जो एक सप्ताह तक रहते हैं । इसमें बहुत तेज बुखार, गंभीर सिर दर्द, कंपकंपी आदि समस्या होती हैं । रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम हो जाती है । गंभीर की स्थिति में मृत्यु भी हो सकती है या उसके मस्तिष्क को क्षति पहुंच सकती है । इससे बचाव के लिए बच्चों का टीकाकरण करवाना बहुत जरूरी है । बच्चों को दो टीके लगाए जाते हैं पहला नौ से 12 माह पर और दूसरा 16 से 24 माह पर ।
उन्होने कहा कि रोगी के आहार में पर्याप्त मात्रा में विटामिन-‘सी’ और ‘ए’ देना चाहिए । इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और शरीर को खसरे के वायरस से लड़ने में मदद भी करती हैं । विटामिन ए पत्तेदार साग, गाजर, लाल शिमला मिर्च और दूध और अंडे में पाया जाता है, विटामिन सी ज्यादातर खट्टे फलों जैसे संतरे और नीबू में मौजूद होता है।
लक्षण –

  • शरीर पर लाल रंग के चकत्ते
  • सर्दी जुकाम
  • बुखार
  • मुंह के अंदर छोटे सफेद धब्बे
  • आंखें लाल होना
  • गले के दर्द
  • सूखी खांसी

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