गोरखपुर
विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी तेज, एक बूथ पर 1200 से अधिक मतदाता नहीं
डीएम दीपक मीणा ने राजनीतिक दलों और ईआरओ के साथ की समीक्षा, बूथों के पुनर्गठन पर एक-दो दिन में होगा फैसला
गोरखपुर। विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी दीपक मीणा ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) के साथ बैठक कर निर्वाचन संबंधी तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में मतदान केंद्रों और मतदेय स्थलों के पुनर्गठन पर विस्तार से चर्चा हुई। निर्वाचन आयोग के निर्धारित मानकों के अनुसार अब किसी भी मतदेय स्थल पर 1200 से अधिक मतदाता नहीं रखे जाएंगे। बूथों के पुनर्गठन को लेकर अंतिम निर्णय एक-दो दिन में लिए जाने की बात कही गई।
बैठक में मतदाता सूची, मतदान केंद्रों की व्यवस्था और निर्वाचन संबंधी तैयारियों की समीक्षा की गई। मतदेय स्थलों के पूर्व निर्धारित प्रस्ताव निर्वाचन आयोग को भेजे जा चुके हैं। अब मतदाताओं की अधिकतम संख्या 1200 निर्धारित होने के बाद बूथों की संख्या और उनके समायोजन पर विचार किया जा रहा है। इस दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव रखे।
मतदाताओं की सुविधा पर जोर
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि मतदेय स्थलों का निर्धारण निर्वाचन आयोग के मानकों के अनुरूप किया जाए, ताकि मतदान के दिन मतदाताओं को परेशानी न हो। बूथों के पुनर्गठन में मतदाताओं की संख्या के साथ स्थानीय परिस्थितियों और उपलब्ध सुविधाओं को भी ध्यान में रखा जाएगा। उन्होंने निर्वाचन संबंधी सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी करने पर जोर दिया।
बैठक में अधिकारी और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि रहे मौजूद
बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं एडीएम वित्त जय प्रकाश, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कुनाल रस्तोगी, मुकुल खंडेलवाल, एसडीएम ज्ञान प्रताप सिंह, रवि सिंह, आलोक रंजन सिंह, मलखान सिंह, मनीष कुमार, नमन मेहता, एसीएम पवन कुमार जायसवाल और सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी शंकर मिश्रा सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा भाजपा, सपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, बसपा और सीपीआई समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बूथों के पुनर्गठन से जुड़े प्रस्तावों की समीक्षा के बाद एक-दो दिन में अंतिम निर्णय लिए जाने की बात कही गई।
