गाजीपुर
कोरम पूरा नहीं, फिर भी हो रहा सोशल ऑडिट! ग्राम पंचायत बिहारे में प्रक्रिया पर उठे सवाल
बघौली ब्लॉक की ग्राम पंचायत में सोशल ऑडिट की पारदर्शिता पर सवाल, ग्रामीणों ने नियमों के पालन पर उठाई चिंता
बघौली (संत कबीर नगर)। जनपद संत कबीर नगर के विकासखंड बघौली अंतर्गत ग्राम पंचायत बिहारे में कथित तौर पर कोरम के अभाव में सोशल ऑडिट कराए जाने का मामला सामने आया है। इसको लेकर सोशल ऑडिट की प्रक्रिया और निर्धारित मानकों के पालन पर सवाल उठने लगे हैं।

मनरेगा सहित विकास कार्यों की होती है समीक्षा
सोशल ऑडिट का उद्देश्य ग्राम पंचायत में मनरेगा सहित संबंधित विकास कार्यों की समीक्षा करना, खर्च का विवरण सार्वजनिक करना और ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराना है। इसके माध्यम से ग्रामीण विकास कार्यों की गुणवत्ता, मजदूरों की मजदूरी और सरकारी धन के उपयोग से जुड़े सवाल उठा सकते हैं।
कोरम के अभाव में प्रक्रिया पर सवाल
ग्राम पंचायत बिहारे में आवश्यक कोरम पूरा नहीं होने के बावजूद सोशल ऑडिट की कार्रवाई आगे बढ़ाए जाने की बात सामने आने के बाद इसकी पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि यदि निर्धारित उपस्थिति पूरी नहीं थी, तो सोशल ऑडिट किस आधार पर कराया जा रहा है।
ऐसे में यह स्पष्ट किया जाना आवश्यक है कि सोशल ऑडिट के दौरान निर्धारित नियमों और उपस्थिति संबंधी मानकों का पालन हुआ या नहीं। यदि कोरम पूरा नहीं था, तो संबंधित अधिकारियों और सोशल ऑडिट टीम ने इस संबंध में क्या कदम उठाए, इसकी भी जांच होनी चाहिए।
निष्पक्ष जांच से स्पष्ट हो स्थिति
मामले में सोशल ऑडिट की प्रक्रिया, उपस्थिति पंजिका और संबंधित अभिलेखों की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट किए जाने की जरूरत है। निष्पक्ष जांच से ही यह पता चल सकेगा कि निर्धारित नियमों का पालन हुआ है या नहीं। फिलहाल, इस संबंध में संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
