गाजीपुर
स्वास्थ्य केंद्रों के निरीक्षण में खुली पोल, डॉक्टर नदारद तो वार्ड बॉय कर रहे थे मरीजों का इलाज
सुखडेहरा और वीरपुर के अस्पतालों में मिली अव्यवस्थाएं, फार्मासिस्ट का पद भी लंबे समय से रिक्त होने का आरोप
भांवरकोल (गाजीपुर), 27 अक्टूबर। क्षेत्र के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं की हकीकत जानने के लिए किए गए औचक निरीक्षण में लापरवाही सामने आने का मामला प्रकाश में आया है। निरीक्षण के दौरान सुखडेहरा और वीरपुर स्थित नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों की अनुपस्थिति और स्वास्थ्य सेवाओं में खामियों की बात सामने आई।
सुखडेहरा स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर की कुर्सी खाली
सुबह 11 बजे नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुखडेहरा के निरीक्षण के दौरान डॉक्टर की कुर्सी खाली मिली। आरोप है कि वहां मौजूद एमबीबीएस चिकित्सक मरीजों को देख रहे थे, जबकि कई अन्य कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। वार्ड बॉय के मुताबिक, मरीजों को खून की जांच लिखकर बाहर से दवा लेने के लिए भेजा जा रहा था।
वीरपुर में वार्ड बॉय के मरीज देखने का आरोप
सुबह 11:32 बजे नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वीरपुर के निरीक्षण के दौरान चिकित्सा अधिकारी डॉ. चंदन वर्मा की कुर्सी भी खाली मिली। आरोप है कि उनकी जगह वार्ड बॉय मरीजों को देख रहे थे। पूछताछ में बताया गया कि चिकित्सक हस्ताक्षर करने के बाद संघ के चुनाव में शामिल होने गाजीपुर चले गए थे। यहां फार्मासिस्ट का पद भी लंबे समय से रिक्त होने की बात सामने आई।
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे सवाल
दोनों स्वास्थ्य केंद्रों पर सामने आई इन स्थितियों ने ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और जरूरी कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि मरीजों को समय पर उपचार मिल सके। अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इन मामलों को लेकर क्या कार्रवाई करता है।
