भदोही
शरद पूर्णिमा पर बाबा बड़े शिव धाम में उमड़े श्रद्धालु, रातभर गूंजे भजन-कीर्तन
खुले आसमान के नीचे रखी गई खीर, दर्शन-पूजन के बाद भक्तों ने ग्रहण किया प्रसाद
चंद्रमा की अमृतमयी किरणों की आस्था में श्रद्धालुओं ने किया रात्रि जागरण
गोपीगंज (भदोही)। शरद पूर्णिमा की रात 25 अक्टूबर को गोपीगंज नगर के प्रमुख धार्मिक स्थल बाबा बड़े शिव धाम सहित अन्य मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। अमृतमयी चांदनी और धार्मिक मान्यताओं के बीच भक्तों ने रातभर भजन-कीर्तन किया और खीर का प्रसाद ग्रहण किया। वहीं, अनेक लोगों ने अपने घरों में भी रात्रि जागरण कर चंद्रदेव के दर्शन किए।

बाबा बड़े शिव धाम में विशेष प्रार्थना सभा
बाबा बड़े शिव धाम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की गई। ध्वजारोहण और ध्वज वंदना के बाद भगवान शिव के दरबार में खीर तैयार की गई। इसे खुले आसमान के नीचे रखा गया। देर रात तक भजन-कीर्तन और दर्शन-पूजन का क्रम चलता रहा। इसके बाद श्रद्धालुओं ने खीर का प्रसाद ग्रहण किया और भगवान शिव का आशीर्वाद लेकर घर लौटे।
शरद पूर्णिमा पर खीर का विशेष महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है। इस अवसर पर चंद्रमा की किरणों को अमृतमयी माना जाता है। इसी विश्वास के चलते लोग खीर बनाकर खुले आसमान के नीचे रखते हैं और अगले दिन प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं।
शरद पूर्णिमा को माता लक्ष्मी की आराधना के लिए भी विशेष महत्व दिया जाता है। मान्यता है कि इस रात माता लक्ष्मी भ्रमण करती हैं और जागरण करने वाले श्रद्धालुओं पर अपनी कृपा बरसाती हैं। इसी आस्था के साथ लोगों ने रातभर भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना की।
श्रद्धालुओं ने लिया प्रसाद, भक्तिमय रहा माहौल
शरद पूर्णिमा के अवसर पर मंदिर परिसर में देर रात तक श्रद्धालुओं का आवागमन बना रहा। भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। लोगों ने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
इस अवसर पर कृष्ण कुमार खटाई, दीपक मोदवाल, अरुण कुमार मिंकू, सचिदानंद, विनोद कुमार, गोविंद गुप्ता सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
