गाजीपुर
बहरियाबाद में बदहाल सड़कों से हाहाकार, विभाग की चुप्पी से ग्रामीणों में नाराजगी
तीन दर्जन गांवों के लिंक मार्ग जर्जर, गड्ढों के कारण आवागमन प्रभावित
बहरियाबाद (गाजीपुर)। बहरियाबाद और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों की बदहाली से करीब तीन दर्जन गांवों के लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़कों पर जगह-जगह गहरे गड्ढे होने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भरने और सूखे मौसम में धूल उड़ने से राहगीरों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं।
जर्जर सड़कों का असर आम जनजीवन पर पड़ रहा है। दोपहिया वाहन चालक आए दिन हादसों के खतरे के बीच सफर करने को मजबूर हैं। वहीं, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को भी आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खराब रास्तों के कारण वाहनों की टूट-फूट बढ़ रही है, जिससे लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
विभागीय उदासीनता पर उठ रहे सवाल
सड़कों की बदहाल स्थिति को लेकर संबंधित लोक निर्माण विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से जर्जर मार्गों की समस्या बनी हुई है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम दिखाई नहीं दे रहे हैं। उनका मानना है कि केवल गड्ढे भरने से समस्या दूर नहीं होगी, बल्कि सड़कों की गुणवत्तापूर्ण मरम्मत और नियमित निगरानी जरूरी है।
ग्रामीणों ने की सड़क मरम्मत की मांग
क्षेत्रवासियों ने संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से बहरियाबाद सहित आसपास के गांवों को जोड़ने वाले लिंक मार्गों की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़कें किसी भी क्षेत्र के विकास की आधारशिला होती हैं। ऐसे में सुरक्षित और सुगम आवागमन के लिए जर्जर सड़कों का स्थायी समाधान किया जाना आवश्यक है। अब देखना है कि जिम्मेदार विभाग ग्रामीणों की समस्या को कितनी गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई करता है।
