जौनपुर
एनएच-233 पर नो एंट्री लगाने का फैसला जिला प्रशासन के अधिकार क्षेत्र में
एनएचएआई के जवाब के बाद पूर्वांचल किसान संगठन ने एसपी को सौंपा ज्ञापन, भारी वाहनों से बढ़ती दुर्घटनाओं पर जताई चिंता
चंदवक (जौनपुर)। आजमगढ़-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग-233 पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए भारी वाहनों पर नो एंट्री लगाने की मांग को लेकर पूर्वांचल किसान संगठन ने अब पुलिस प्रशासन का रुख किया है। संगठन की ओर से एनएचएआई को दिए गए ज्ञापन के जवाब में स्पष्ट किया गया है कि वाहनों का मार्ग परिवर्तन और नियंत्रण स्थानीय प्रशासन के अधिकार क्षेत्र में आता है। इसके बाद किसान संगठन ने किसान नेता अजीत सिंह के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर नो एंट्री लागू करने की मांग की है।
पूर्वांचल किसान संगठन ने इससे पहले एनएचएआई को ज्ञापन देकर राष्ट्रीय राजमार्ग-233 स्थित ढेरही टोल प्लाजा पर टोल वसूली बंद करने, भारी वाहनों के कारण आए दिन हो रही दुर्घटनाओं पर रोक लगाने, भारी वाहनों के लिए नो एंट्री लागू करने तथा सड़क हादसों में मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने सहित कई मांगें उठाई थीं।
संगठन ने अपने ज्ञापन में बताया था कि चंदवक स्थित गोमती नदी पर बने पुल के खराब होने के दौरान वर्ष 2023-24 में एनएचएआई के अनुरोध पर जिला प्रशासन ने भारी वाहनों के लिए सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक नो एंट्री लागू की थी। यह व्यवस्था जौनपुर-वाराणसी सीमा के दानगंज से लेकर जौनपुर-आजमगढ़ सीमा के कनौरा तक अधूरे राजमार्ग पर लागू की गई थी। संगठन का दावा है कि उस अवधि में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या न्यूनतम हो गई थी।
एनएचएआई ने संगठन के ज्ञापन के जवाब में कहा कि वाहनों का मार्ग परिवर्तन एवं यातायात नियंत्रण का निर्णय जिला प्रशासन के स्तर से लिया जाना उचित होगा। एनएचएआई का जवाब मिलने के बाद संगठन ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर भारी वाहनों के लिए नो एंट्री लागू करने की मांग दोहराई है।
पूर्वांचल किसान संगठन अब जिला प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहा है। संगठन का कहना है कि एनएच-233 पर दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन को जल्द प्रभावी कदम उठाना चाहिए।
