गाजीपुर
बंदरों के आतंक से घरों में ‘कैद’ हुए लोग, मथुरा की टीम भी नाकाफी
छतों और गलियों में झुंड बनाकर घूम रहे बंदर, बच्चों-बुजुर्गों में दहशत; नगर पालिका से स्थायी समाधान की मांग
जमानियां। जमानियां रेलवे स्टेशन और आसपास के रिहायशी इलाकों में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थिति यह है कि लोग अपने ही घरों में कैद होकर रहने को मजबूर हैं। छतों और गलियों में झुंड बनाकर घूम रहे बंदरों के आक्रामक व्यवहार से बच्चों और बुजुर्गों में भय का माहौल बना हुआ है।
बंदरों के आतंक के चलते लोगों ने छतों पर कपड़े और गेहूं सहित अन्य अनाज सुखाना तक बंद कर दिया है। नागरिकों का कहना है कि बंदर कपड़े फाड़ने, अनाज बिखेरने और गमलों में लगे पौधों को नुकसान पहुंचाने के साथ कई बार लोगों पर झपटने का प्रयास करते हैं। इससे कभी भी हादसा होने की आशंका बनी रहती है।

स्टेशन क्षेत्र के लोगों के मुताबिक घर से बाहर निकलते समय हाथ में डंडा रखना पड़ता है। खिड़की और दरवाजे बंद रखना उनकी मजबूरी बन गया है। नागरिकों का आरोप है कि लगातार शिकायतों के बाद नगर पालिका की ओर से मथुरा से बंदर पकड़ने वाली टीम बुलाई गई, लेकिन अभियान चलने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
क्षेत्र में अब भी बड़ी संख्या में बंदर झुंड बनाकर बाजार और रिहायशी इलाकों में घूम रहे हैं। नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन और उच्चाधिकारियों से बंदर पकड़ने के अभियान में तेजी लाने, पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने और इस समस्या से स्थायी निजात दिलाने की मांग की है।
