गाजीपुर
बहरियाबाद में आयोजित हुई जश्ने गौसुल वरा कॉन्फ्रेंस
उलेमाओं ने गौसे आजम की शिक्षाओं, मानव सेवा और आपसी भाईचारे पर डाला प्रकाश
बहरियाबाद, गाजीपुर। बहरियाबाद के उत्तर मोहल्ला स्थित बड़ा चौक के पास जश्ने गौसुल वरा कॉन्फ्रेंस का आयोजन सैय्यद शमीमुल वरा की ओर से किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की। इस दौरान उलेमाओं ने हजरत गौसे आजम शेख अब्दुल कादिर जीलानी रहमतुल्लाह अलैह की शिक्षाओं और उनके आध्यात्मिक योगदान पर प्रकाश डाला।

उलेमाओं और नातख्वानों ने की शिरकत
कॉन्फ्रेंस में तिलावत के लिए हाफिज सोहेल हाशमी, तकरीर के लिए खतिबे हिंदुस्तान हजरत अल्लामा मौलाना अंसारुल कादरी (झारखंड), निजामत के लिए हजरत अल्लामा मौलाना नजिम रजा और कयादत के लिए हजरत हाफिज कारी अररुलान रजा नूरी शामिल हुए। इसके अलावा शहंशाहे तरन्नुम मोहम्मद इस्लाम मखदूमपुरी, शायरे अहले सुन्नत हजरत गुलशन रिसालत साजिद मोहम्मदाबादी और नातख्वां शमीम अफजाल वारसी बहरियाबादी ने भी कार्यक्रम में शिरकत की।
मानव सेवा और भाईचारे का दिया संदेश
वक्ताओं ने बताया कि हजरत गौसे आजम की शिक्षाओं में ईश्वर प्रेम, मानव सेवा, गरीबों की मदद और धार्मिक सहिष्णुता पर विशेष जोर दिया गया है। कादरिया सूफी सिलसिले के माध्यम से उनकी शिक्षाओं का प्रसार हुआ। वक्ताओं ने कहा कि जरूरतमंदों, अनाथों और गरीबों की मदद करना तथा समाज में आपसी प्रेम और भाईचारा बनाए रखना उनकी शिक्षाओं से प्रेरणा लेने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में डॉक्टर निसार अहमद, डॉ. मुमताज अहमद, पत्रकार सैय्यद वरा, निजाम खान, अमजद, हाशिम वरा, शादाब वरा, अख्तर अंसारी, हाजी फरीद अंसारी, अबरार अंसारी, सदर इमाम, हुसैन वरा, आमिर, शकील अहमद, नौशाद अहमद, इनाम अख्तर संजू, रसूल वरा, अमन बहरियावादी और अमन अंसारी सहित क्षेत्र के तमाम लोग मौजूद रहे।
