भदोही
भागवत कथा के तीसरे दिन भक्त प्रह्लाद प्रसंग का वर्णन
कथा व्यास ने सुनाई भगवान श्रीकृष्ण की पावन लीलाएं, सत्संग और सद्कर्म का दिया संदेश
ज्ञानपुर (भदोही)। डीघ विकासखंड के कौलापुर गांव निवासी वरिष्ठ पत्रकार डॉ. लक्ष्मीधर चतुर्वेदी के आवास पर आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के तीसरे दिन श्रद्धालुओं ने भगवान की पावन लीलाओं का श्रवण किया। कथा व्यास अनुराग जी महाराज ने भक्त प्रह्लाद के प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया।
गर्भ में ही सुना नारायण मंत्र
कथा व्यास ने कहा कि भक्त प्रह्लाद ने माता कयाधु के गर्भ में ही नारायण मंत्र का श्रवण किया था। भगवान के नाम के स्मरण से उनके जीवन के अनेक कष्ट दूर हुए। कथा का शुभारंभ गुरु वंदना से हुआ, जिसके बाद भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न पावन लीलाओं का वर्णन किया गया।
बचपन से मिले धर्म के संस्कार
अनुराग जी महाराज ने कहा कि बच्चों को बचपन में जो संस्कार और धर्म का ज्ञान दिया जाता है, उसका प्रभाव पूरे जीवन रहता है। इसलिए माता-पिता को बच्चों को धर्म और आध्यात्म का ज्ञान देने के साथ उन्हें प्रेम, सेवा और सदाचार की सीख देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि माता-पिता की सेवा और समाज के प्रति प्रेम की भावना धर्म के मूल सिद्धांतों में शामिल है।
प्रायश्चित और सद्कर्म का संदेश
कथा व्यास ने कहा कि मनुष्य से जाने-अनजाने प्रतिदिन अनेक गलतियां होती हैं। ईश्वर के समक्ष उनका प्रायश्चित करना और अच्छे कर्मों के मार्ग पर चलना ही जीवन को सार्थक बनाता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से सत्संग और शास्त्रों में बताए आदर्शों का श्रवण करने का आह्वान किया।
क्रोध और लोभ त्यागने की सीख
उन्होंने कहा कि सत्संग में व्यक्ति के जीवन को बदलने की शक्ति होती है। मनुष्य को क्रोध, लोभ, मोह, हिंसा और अनावश्यक संग्रह जैसी प्रवृत्तियों का त्याग कर विवेक के साथ श्रेष्ठ कर्म करने चाहिए।
मनु-शतरूपा और कपिल अवतार का प्रसंग
कथा के दौरान मनु-शतरूपा से सृष्टि की उत्पत्ति तथा उनकी संतानों का प्रसंग सुनाया गया। उन्होंने मनु की तीन पुत्रियों आकूति, देवहूति और प्रसूति तथा दो पुत्र प्रियव्रत और उत्तानपाद के बारे में बताया। देवहूति के विवाह ऋषि कर्दम से होने और भगवान कपिल के अवतार का भी वर्णन किया गया। उन्होंने नवधा भक्ति की महत्ता बताते हुए कहा कि जब किसी व्यक्ति के जीवन में भक्ति के नौ स्वरूप आते हैं तो भगवान की कृपा का मार्ग प्रशस्त होता है।
भजनों पर मंत्रमुग्ध हुए श्रद्धालु
कथा के दौरान अनुराग जी महाराज ने कई मनमोहक भजन प्रस्तुत किए। भजनों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूमते नजर आए। कथा स्थल पर भक्तिमय वातावरण बना रहा।
