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जौनपुर

निलंबित थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश सिंह ने किया आत्मसमर्पण

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25 हजार रुपये का था इनाम, जबरन वसूली और लूट के मामलों की जांच में एसआईटी ने तेज की पूछताछ

जौनपुर। जलालपुर और सुरेरी थाना क्षेत्रों में दर्ज जबरन वसूली और लूट के मामलों में फरार चल रहे निलंबित थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश सिंह ने सोमवार को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। दिव्य प्रकाश सिंह पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। उनके आत्मसमर्पण के बाद मामले की जांच कर रही एसआईटी ने पूछताछ और साक्ष्यों की पड़ताल तेज कर दी है।

पुलिस के अनुसार, मामले में दिव्य प्रकाश सिंह समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही थी। वाराणसी, मिर्जापुर और प्रयागराज में भी पुलिस टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी थीं। आत्मसमर्पण के बाद एसआईटी अब दिव्य प्रकाश सिंह से घटना में उनकी कथित भूमिका, अन्य आरोपियों से संपर्क और पूरे घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों के बारे में पूछताछ कर रही है।

जांच के दौरान एसआईटी ने करीब 40 मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाए हैं। इनके माध्यम से आरोपियों के बीच हुई बातचीत, आपसी संपर्क और कथित नेटवर्क से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है। वाराणसी निवासी राजेंद्र दुबे, खाता धारक वंश नारायण गिरी और राज नारायण गिरी समेत अन्य संदिग्धों की गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। राज नारायण गिरी पर भी 25 हजार रुपये का इनाम घोषित बताया गया है।

एसआईटी ने शुक्रवार को जेल पहुंचकर मामले में गिरफ्तार आरोपियों से करीब तीन घंटे तक पूछताछ की थी। इसके अलावा केराकत क्षेत्र के पहाड़ी पट्टी निवासी संकीत और उसके भाई विकास सिंह से भी पूछताछ की गई। जांच टीम के अनुसार, पूछताछ में दोनों ने घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की है। पुलिस जांच में दोनों का संपर्क सुरेरी थाना क्षेत्र के देहुआ निवासी राज नारायण गिरी से सामने आने की बात कही गई है।

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बताया गया कि राज नारायण गिरी सुरेरी क्षेत्र में ग्राहक सेवा केंद्र का संचालन करते थे। वहीं ग्राहक सेवा केंद्र का संचालन कबीरुद्दीनपुर निवासी मनीष पटेल द्वारा किए जाने की बात सामने आई है। मामले में निलंबित आरक्षी सत्येंद्र कुमार गौड़ और आरक्षी विष्णु सिंह की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है।

दिव्य प्रकाश सिंह के आत्मसमर्पण के बाद एसआईटी की जांच का दायरा बढ़ गया है। पुलिस अब उनके मोबाइल संपर्क, अन्य आरोपियों से संबंध और मामले से जुड़े साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए वाराणसी, मिर्जापुर और प्रयागराज में पुलिस की दबिश जारी है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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