भदोही
फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने वाले अंतरजनपदीय गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार
सुरियावां पुलिस और स्वाट/सर्विलांस टीम की कार्रवाई, तीन मोबाइल बरामद; 200-250 फर्जी प्रमाण पत्र बनाने का दावा
भदोही। सुरियावां थाना पुलिस और स्वाट/सर्विलांस टीम ने फर्जी दस्तावेज और सादे कागज अपलोड कर कूटरचित तरीके से जन्म प्रमाण पत्र बनाने वाले कथित अंतरजनपदीय गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से विभिन्न कंपनियों के तीन एंड्राइड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार आरोपियों के बैंक खातों और मोबाइल में ऑनलाइन लेनदेन से जुड़े स्क्रीनशॉट भी मिले हैं।
पुलिस के मुताबिक आरोपी एक संगठित गिरोह बनाकर आर्थिक लाभ के लिए सरकारी प्रक्रिया का दुरुपयोग कर रहे थे। आरोप है कि ग्राम पंचायत और विकास अधिकारियों को धोखे में रखकर उनकी यूजर आईडी, ईमेल और पोर्टल लॉगिन का इस्तेमाल किया जाता था। इसके बाद सीआरएस (CRS) पोर्टल पर फर्जी दस्तावेज अथवा सादे कागज अपलोड कर कथित तौर पर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार कर डाउनलोड किए जाते थे।
इस संबंध में सुरियावां थाने में मु0अ0सं0 144/2026, धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही थी।
तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार 28 सितंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में सुरियावां पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों में कृष्ण कुमार प्रजापति (25) पुत्र विनोद प्रजापति निवासी ग्राम मनापुर, थाना सुरियावां, भदोही शामिल है। पुलिस के अनुसार वह संविदा पंचायत सहायक/कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था और उसे गिरोह का मुख्य आरोपी बताया गया है।
दूसरा आरोपी प्रदीप कुमार (28) पुत्र रमेश कुमार निवासी गहपुरा, थाना बरसठी, जौनपुर है, जो सुरियावां बाईपास स्थित विंद प्रदूषण केंद्र का संचालक बताया गया है। तीसरा आरोपी कमलकांत यादव उर्फ कमल यादव (32) पुत्र यज्ञ नारायण यादव निवासी ग्राम चककिशुनदास, थाना ज्ञानपुर, भदोही है, जो मोढ़ पुरानी बाजार स्थित आधार सुधार केंद्र का संचालक बताया गया है।
1.11 लाख रुपये के लेनदेन से जुड़े स्क्रीनशॉट
पुलिस के अनुसार आरोपियों के पास से तीन एंड्राइड मोबाइल फोन बरामद हुए। जांच के दौरान प्रदीप कुमार के खाते/मोबाइल में 76 हजार रुपये तथा कमलकांत यादव के खाते/मोबाइल में 35 हजार रुपये के ऑनलाइन लेनदेन से संबंधित स्क्रीनशॉट मिलने की बात कही गई है।
पूछताछ में पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी कृष्ण कुमार प्रजापति ने बताया कि वह मनापुर में संविदा पर पंचायत सहायक था। आरोप है कि अधिकारियों को कंप्यूटर की कम जानकारी होने का फायदा उठाकर वह उनसे ओटीपी प्राप्त कर उनकी ईमेल आईडी और पोर्टल लॉगिन का इस्तेमाल करता था। वहीं प्रदीप कुमार और कमल यादव प्रमाण पत्र बनवाने आने वाले लोगों से कथित तौर पर पैसे लेकर उनका डेटा मुख्य आरोपी को भेजते थे।
पुलिस के मुताबिक इसके बाद मुख्य आरोपी वैध आवेदनों की आड़ में फर्जी डेटा और सादे कागजात अपलोड कर CRS पोर्टल से कथित रूप से कूटरचित जन्म प्रमाण पत्र डाउनलोड करता था। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपियों ने अब तक करीब 200 से 250 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाए जाने की बात स्वीकार की है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
