भदोही
संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने के बजाय तथ्यों का सम्मान करे कांग्रेस : अनिरुद्ध त्रिपाठी
ज्ञानपुर में प्रेस वार्ता कर जिला पंचायत अध्यक्ष ने एसआईआर, निर्वाचन आयोग और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर रखा भाजपा का पक्ष
ज्ञानपुर। निर्वाचन आयोग और लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर कांग्रेस एवं विपक्षी दलों की ओर से उठाए जा रहे सवालों के बीच जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी ने ज्ञानपुर स्थित दिव्या लॉन में प्रेस वार्ता कर भाजपा का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को निर्वाचन प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर आरोपों के बजाय तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए।
अनिरुद्ध त्रिपाठी ने कहा कि चुनाव परिणामों के बाद निर्वाचन आयोग, ईवीएम और अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने के बजाय राजनीतिक दलों को अपनी संगठनात्मक स्थिति की भी समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका पर सवाल उठाते समय प्रमाण और तथ्य सामने रखना जरूरी है।
एसआईआर पर आयोग के स्पष्टीकरण का किया उल्लेख
उन्होंने 26 सितंबर को निर्वाचन आयोग की ओर से जारी स्पष्टीकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि आयोग के अनुसार विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से संबंधित प्रमुख निर्णय आयोग की सर्वसम्मति से लिए गए थे। हालिया रिपोर्टों के बीच आयोग ने भी कहा है कि SIR से जुड़े निर्णय सर्वसम्मति से मंजूर किए गए थे।
उन्होंने कहा कि बिहार में SIR को लेकर 27 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट के फैसले में निर्वाचन आयोग के अधिकार और प्रक्रिया से जुड़े पहलुओं पर विचार किया गया था। शीर्ष अदालत ने बिहार में किए गए SIR को वैध माना और इसे संविधान के अनुच्छेद 324 तथा संबंधित चुनावी कानूनों के तहत आयोग के अधिकार क्षेत्र में माना।
कैबिनेट सचिव को पत्र और फॉर्म-6 का भी किया जिक्र
जिला पंचायत अध्यक्ष ने कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र को लेकर कहा कि निर्वाचन आयोग के अनुसार यह पत्र किसी नीतिगत निर्णय अथवा SIR संबंधी नीति-निर्देश से जुड़ा नहीं था, बल्कि प्रशासनिक कार्यप्रणाली से संबंधित विषय था। उन्होंने नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 की व्यवस्था का भी उल्लेख किया। निर्वाचन आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल पर नए मतदाता पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया का उद्देश्य पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना है। SIR प्रक्रिया में दावे-आपत्तियों और आवश्यक दस्तावेजों की व्यवस्था का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि चुनावी तंत्र की जिम्मेदारी ऐसे मतदाताओं तक पहुंचने की भी है, जो अपने कार्य या परिस्थितियों के कारण सामान्य तौर पर अपने पते पर उपलब्ध नहीं रहते।
पुराने राजनीतिक बयानों का भी किया उल्लेख
प्रेस वार्ता में अनिरुद्ध त्रिपाठी ने राहुल गांधी और कांग्रेस से जुड़े विभिन्न पुराने बयानों का उल्लेख करते हुए ईवीएम, निर्वाचन आयोग, न्यायपालिका, राफेल, सर्जिकल स्ट्राइक और चीन सीमा जैसे मुद्दों पर पूर्व में उठाए गए सवालों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार और विपक्ष के बीच मतभेद हो सकते हैं, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाते समय राजनीतिक दलों को तथ्य और प्रमाण के साथ अपनी बात रखनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के हालिया स्पष्टीकरण के बाद SIR और आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर चल रही राजनीतिक बहस में आयोग का पक्ष भी जनता के सामने है। उन्होंने विपक्ष से संवैधानिक संस्थाओं को लेकर तथ्यों के आधार पर संवाद करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि भाजपा संविधान, लोकतांत्रिक व्यवस्था और निर्वाचन प्रक्रिया के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के साथ जनता के सामने अपना पक्ष रखती रहेगी।
प्रेस वार्ता में भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा, पूर्व जिलाध्यक्ष संतोष पांडेय, पूर्व जिलाध्यक्ष हौसला प्रसाद पाठक, वरिष्ठ नेता नागेंद्र सिंह, जिला महामंत्री अखिलेंद्र सिंह बघेल, जिला मीडिया प्रभारी नवीन मिश्रा, जिला उपाध्यक्ष सतीश चंद्र पांडेय, प्रदीप सिंह, सौरभ मालवीय, सोशल मीडिया प्रभारी अखिलेश तिवारी, मंडल अध्यक्ष दीपम त्रिपाठी समेत इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
