भदोही
जिला स्वच्छता समिति की बैठक में डीएम ने दिए कड़े निर्देश
383 आरआरसी सेंटर पूर्ण, 362 संचालित
भदोही। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी शैलेष कुमार की अध्यक्षता में जिला स्वच्छता समिति (ग्रामीण) की बैठक हुई। इसमें स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत संचालित योजनाओं, निर्माण कार्यों और उनकी प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी योजनाओं का प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
शेष 21 आरआरसी सेंटर माह के भीतर संचालित कराने के निर्देश
रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) की समीक्षा में बताया गया कि जिले में स्वीकृत 502 केंद्रों में से 383 का निर्माण पूरा हो चुका है और 362 संचालित हैं। पूर्ण होने के बावजूद 21 केंद्रों का संचालन शुरू न होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारियों का वेतन रोकने और इस माह के भीतर सभी पूर्ण केंद्रों का संचालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। लापरवाही मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई और जिम्मेदारी तय करने को भी कहा।
आरआरसी केंद्रों का निरीक्षण कराने को कहा
जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को जनपद स्तरीय अधिकारियों की टीम गठित कर संचालित आरआरसी केंद्रों का निरीक्षण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने पूर्ण केंद्रों पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और कूड़ा निस्तारण तत्काल शुरू कराने को कहा। लापरवाही मिलने पर संबंधित खंड विकास अधिकारी, एडीओ पंचायत और ग्राम पंचायत अधिकारी की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।
पात्र लाभार्थियों को ही मिले शौचालय योजना का लाभ
व्यक्तिगत शौचालय योजना की समीक्षा में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि लाभ केवल पात्र लाभार्थियों को ही दिया जाए। किसी अपात्र व्यक्ति को लाभ मिलने या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्राप्त शिकायतों का गंभीरता से संज्ञान लेकर प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया।
रेट्रोफिटिंग में जियो-टैग फोटो अपलोड करने के निर्देश
व्यक्तिगत शौचालयों के रेट्रोफिटिंग कार्यों की समीक्षा के दौरान सभी कार्यों की जियो-टैग फोटो समय से पोर्टल पर अपलोड कराने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने जिले के सभी 86 स्वच्छता मार्ट का नियमित संचालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
कूड़े के पृथक्करण और वैज्ञानिक निस्तारण पर जोर
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत कचरे को स्रोत पर अलग करने, नियमित संग्रहण, उचित परिवहन और वैज्ञानिक निस्तारण पर विशेष जोर दिया गया। जैविक कचरे के प्रसंस्करण, पुनर्चक्रण और जनजागरूकता के माध्यम से स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
प्लास्टिक कचरे के नियमित निस्तारण की व्यवस्था
जिलाधिकारी ने नगर पंचायतों और नगर पालिका परिषदों के एमआरएफ सेंटरों से एकत्रित प्लास्टिक कचरे को प्रसंस्करण के लिए मसूधी स्थित इकाई तक पहुंचाने के निर्देश दिए। सुरियावां, ज्ञानपुर और भदोही के खंड विकास अधिकारियों को संबंधित नगर निकायों से समन्वय कर प्लास्टिक अपशिष्ट का नियमित निस्तारण सुनिश्चित कराने को कहा गया।
बंद शौचालयों और सफाई व्यवस्था पर कार्रवाई
जिन ग्राम पंचायतों में शौचालयों का संचालन नहीं हो रहा है, वहां संबंधित सचिवों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की हिदायत दी गई। जिला पंचायत राज अधिकारी को रामपुर घाट और सीतामढ़ी क्षेत्र में सफाई व्यवस्था बेहतर रखने तथा सफाई कर्मियों के माध्यम से नियमित और प्रभावी सफाई कराने के निर्देश दिए गए।
डिजिटल लाइब्रेरी में बेहतर अध्ययन व्यवस्था पर जोर
बैठक में डिजिटल लाइब्रेरी की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा हुई। जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों और पाठकों के लिए लाइब्रेरी को सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाने को कहा। उपयोगी पुस्तकों की पर्याप्त उपलब्धता के साथ फर्नीचर, अलमारी और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन वातावरण मिल सके।
कई योजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक में आरआरसी निर्माण एवं संचालन, मॉडल ग्राम, व्यक्तिगत एवं सामुदायिक शौचालय, रेट्रोफिटिंग, स्वच्छता मार्ट, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट, गोबरधन योजना, एफएसटीपी स्थापना, अंत्येष्टि स्थल और डिजिटल लाइब्रेरी सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
कम प्रगति वाले विकासखंडों में चलेगा विशेष अभियान
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन विकासखंडों में योजनाओं की प्रगति अपेक्षाकृत कम है, वहां विशेष अभियान चलाकर कार्यों में तेजी लाई जाए। सभी योजनाओं का संचालन निर्धारित गुणवत्ता और समयसीमा के अनुरूप सुनिश्चित करते हुए जिले की स्वच्छता व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविन्द शुक्ल, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला कंसल्टेंट गौरव कुमार, सभी खंड विकास अधिकारी, एडीओ पंचायत और जिला स्वच्छता समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
