गाजीपुर
रेलवे अंडरपास बना अभिशाप, दलदल और गंदे पानी के बीच आवाजाही
दर्जनों गांवों के हजारों लोगों की बढ़ी मुश्किलें, स्टेशन जाने वाले यात्रियों को भी परेशानी; स्थायी जलनिकासी की मांग
सादात/जखनिया (गाजीपुर)। रेलवे स्टेशन के पास बना अंडरपास इन दिनों राहगीरों के लिए सुविधा के बजाय परेशानी का कारण बन गया है। लंबे समय से जमा गंदा पानी, कीचड़ और दलदल के बीच लोगों को पैदल और दोपहिया वाहनों से आवागमन करना पड़ रहा है। राहगीरों के लिए यह रास्ता जोखिम भरा बना हुआ है।
पानी निकलवाने के दावों पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे अधिकारियों से शिकायत करने पर ठेकेदार के माध्यम से पानी निकलवाने की बात कही गई, लेकिन मौके पर स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं दिखाई दे रहा है। लोगों का आरोप है कि अधिकारियों के दावों और जमीनी स्थिति में अंतर बना हुआ है।
दर्जनों गांवों का महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग
यह अंडरपास रेलवे स्टेशन के पूर्वी हिस्से में रहने वाले दर्जनों गांवों के लोगों के लिए प्रमुख संपर्क मार्ग है। इसी रास्ते से लोग सैदपुर-मरदह मार्ग, तहसील जखनिया और रेलवे स्टेशन तक पहुंचते हैं। वाराणसी समेत अन्य स्थानों की ट्रेनों से यात्रा करने वाले लोगों के लिए भी यह मार्ग महत्वपूर्ण है।
‘समुद्र पार करने’ जैसी स्थिति
राहगीरों का कहना है कि अंडरपास पार करना अब किसी नदी या समुद्र को पार करने जैसा लगता है। गंदे पानी और दलदल के कारण पैदल चलने वालों के साथ दोपहिया वाहन चालकों को भी परेशानी होती है। लोगों को वाहन फंसने और फिसलने का डर बना रहता है।
पूर्वी हिस्से में सड़क, पश्चिमी संपर्क अधूरा
स्थानीय दुकानदारों और ग्रामीणों के अनुसार हुरमुजपुर हॉल्ट की तरफ पूर्वी हिस्से में सड़क बन चुकी है, लेकिन पश्चिमी तरफ संपर्क मार्ग अभी अधूरा है। लोगों का कहना है कि अंडरपास की सड़क, प्लेटफार्म की सीढ़ी और पश्चिम दिशा की सड़क को व्यवस्थित रूप से जोड़ दिया जाए तो समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।
दुकानदारों ने खुद उठाया सफाई का जिम्मा
स्थानीय लोगों के मुताबिक पश्चिमी हिस्से के दुकानदारों ने सरकारी व्यवस्था का इंतजार करने के बजाय आपस में चंदा जुटाकर सफाई और राहगीरों की सुविधा के लिए अपने स्तर से काम कराया। दशहरा के दौरान यहां दुर्गा पूजा के लिए चौतरा भी बनाया जाता है। इसके बावजूद नियमित सफाई और आवश्यक सहयोग नहीं मिलने की शिकायत है।
जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर सवाल
स्थानीय लोगों ने सांसद, विधायक, जिला पंचायत प्रतिनिधि और ग्राम प्रधान समेत जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रोजाना बड़ी संख्या में लोगों के आवागमन वाले इस मार्ग की समस्या के स्थायी समाधान के लिए अब तक प्रभावी पहल नहीं हुई।
स्थायी समाधान की मांग
रेलवे अंडरपास की समस्या अब केवल जलनिकासी तक सीमित नहीं रह गई है। यह दर्जनों गांवों की आवाजाही, यात्रियों की सुविधा और स्थानीय व्यापार से जुड़ा मुद्दा बन गया है। ग्रामीण स्थायी जलनिकासी, सड़क निर्माण और पश्चिमी संपर्क मार्ग की व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
जयदेश ग्राउंड रिपोर्ट का सवाल
अधिकारियों के स्तर से पानी निकलवाने की बात कही जा रही है, लेकिन मौके पर गंदा पानी और दलदल की स्थिति बनी रहने की बात स्थानीय लोग बता रहे हैं। ऐसे में सवाल है कि अंडरपास से पानी पूरी तरह कब निकलेगा और स्थायी जलनिकासी की व्यवस्था कब होगी? क्षेत्र के लोगों को अब समस्या के स्थायी समाधान का इंतजार है।
