गाजीपुर
हथिया नक्षत्र की बारिश से धान को संजीवनी, रबी की उम्मीद जगी
भांवरकोल क्षेत्र में झमाझम बारिश से किसानों के चेहरे खिले, खेतों में नमी बढ़ने से बुआई की तैयारी तेज
भांवरकोल (गाजीपुर)। सितंबर का दूसरा पखवाड़ा शुरू होते ही किसानों की निगाहें आसमान पर टिक गई हैं। ग्रामीण अंचलों में हथिया नक्षत्र यानी हस्त नक्षत्र की बारिश को खेती के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। भांवरकोल क्षेत्र समेत पूर्वांचल के किसान इस दौरान होने वाली बारिश को धान की फसल के लिए लाभकारी मानते हैं।
धान की फसल के लिए अमृत समान
इस समय धान की फसल में बालियां निकलने का दौर चल रहा है। फसल को दानों के विकास और पकने के लिए पर्याप्त नमी की जरूरत होती है। हथिया नक्षत्र के दौरान होने वाली बारिश से खेतों में नमी बनी रहती है, जिससे धान की फसल को फायदा मिलने की उम्मीद है।
खेतों में बनी नमी, सूखने का खतरा कम
बारिश के बाद खेतों में पर्याप्त नमी बनी रहने से धान की फसल के सूखने का खतरा कम होता है। किसानों के अनुसार सामान्य और संतुलित बारिश इस समय फसल के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती है।
रबी की फसलों की तैयारी को मिलेगी गति
हथिया नक्षत्र की बारिश से रबी की फसलों की तैयारी को भी मदद मिलने की उम्मीद है। धान की कटाई के बाद किसान सरसों, मटर और आलू जैसी फसलों की जुताई व बुआई की तैयारी कर सकेंगे। मिट्टी में नमी रहने से अगली फसलों के जमाव के लिए भी अनुकूल स्थिति बनने की उम्मीद है।
बुजुर्ग किसानों में आज भी कायम है विश्वास
क्षेत्र के बुजुर्ग किसानों और ग्रामीणों के बीच हथिया नक्षत्र की बारिश को लेकर कई पारंपरिक मान्यताएं और कहावतें प्रचलित हैं। उनका मानना है कि इस समय होने वाली अच्छी बारिश खेती के लिए काफी फायदेमंद होती है। हालांकि अत्यधिक बारिश या बाढ़ जैसी स्थिति कुछ सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है। सामान्य बारिश को किसान धान और आगामी रबी सीजन के लिए राहत के रूप में देख रहे हैं।
