मिर्ज़ापुर
सरकारी गेहूं खरीद केंद्र पर सैकड़ों कुंतल गेहूं सड़कर बर्बाद, विभागीय लापरवाही पर उठे सवाल
मीरजापुर। शेरवां चौकियां संघ द्वारा संचालित सरकारी गेहूं खरीद केंद्र पर विभागीय लापरवाही के चलते सैकड़ों कुंतल गेहूं सड़कर बर्बाद होने का मामला सामने आया है। समय से गेहूं का उठान नहीं होने के कारण केंद्र परिसर में खुले आसमान के नीचे रखी गेहूं की बोरियां बारिश में भीग गईं। इसके चलते बड़ी मात्रा में गेहूं खराब हो गया। सड़ी हुई गेहूं की बोरियां अब भी खरीद केंद्र परिसर में इधर-उधर पड़ी हुई हैं।
गेहूं जैसी जरूरी खाद्य सामग्री के इस तरह बर्बाद होने से विभागीय व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि समय रहते गेहूं का उठान कराया जाता तो किसानों की मेहनत से पैदा हुआ अनाज खराब होने से बचाया जा सकता था। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।

इतने बड़े पैमाने पर गेहूं खराब होने के बाद नुकसान की जिम्मेदारी तय नहीं होने से भी लोगों में नाराजगी है। आशंका जताई जा रही है कि गेहूं के नुकसान की भरपाई और जिम्मेदारी तय करने के बजाय मामले में लीपापोती की कोशिश की जा सकती है।
अन्नदाता मंच के संयोजक चौधरी रमेश सिंह ने सरकारी गेहूं खरीद केंद्र की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि केंद्र की अव्यवस्था और लापरवाही की शिकायत कई बार की जाती है, लेकिन व्यवस्था में सुधार करने के बजाय कई बार केंद्र को ही बंद कर दिया जाता है। इसका सीधा खामियाजा क्षेत्र के किसानों को भुगतना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत से पैदा हुए अनाज को इस तरह बर्बाद होते हुए नहीं देखा जा सकता। गेहूं के रखरखाव और समय से उठान की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, गेहूं की बर्बादी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
