बलिया
जनजातीय अधिकारों और लोक अदालत को लेकर विधिक जागरूकता शिविर
बांसडीह में लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता और लोक अदालत के फायदे बताए
12 सितंबर की राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी सहमति से मुकदमों के निस्तारण की अपील
बलिया। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश और जनपद न्यायाधीश अनिल कुमार झा के आदेश पर सोमवार को तहसील बांसडीह सभागार में जनजातीय समुदाय के अधिकारों और राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पूर्णकालिक सचिव चंद्र प्रकाश तिवारी ने की।
संवैधानिक अधिकारों की दी जानकारी
शिविर में सचिव चंद्र प्रकाश तिवारी ने जनजातीय समुदाय के लोगों को उनके संवैधानिक अधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने शोषण और भेदभाव के खिलाफ उपलब्ध निःशुल्क विधिक सहायता तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी बताया।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए। किसी तरह की कानूनी समस्या होने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सहायता ली जा सकती है।
लोक अदालत में आपसी सहमति से निपटाएं मामले
कार्यक्रम के दौरान 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। तहसीलदार बांसडीह नितिन कुमार सिंह ने आमजन से अपील की कि वे प्री-लिटिगेशन और लंबित मामलों का त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण निस्तारण कराने के लिए लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
अधिवक्ताओं और पैरा लीगल वालंटियर्स ने लिया भाग
शिविर में नायब तहसीलदार रजनीश कुमार सिंह, बार एसोसिएशन अध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह, पूर्व अध्यक्ष महेश प्रताप सिंह, अधिवक्तागण, पैरा लीगल वालंटियर्स और जनजातीय समुदाय के लोग मौजूद रहे।
