बलिया
मानदेय स्पष्ट करने और राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग
आशा कार्यकर्ताओं ने सौंपा ज्ञापन
125 रुपये दैनिक भुगतान पर जताया असंतोष, 26 हजार रुपये मासिक वेतन और 50 लाख के सुरक्षा बीमा की उठाई मांग
बलिया। प्रदेश सरकार के हालिया बजट में मानदेय बढ़ोतरी की घोषणा का आशा एवं आशा संगिनियों ने स्वागत करते हुए सरकार का आभार जताया है। हालांकि, बढ़ोतरी की राशि स्पष्ट नहीं किए जाने को लेकर कार्यकर्ताओं में असमंजस है। उन्होंने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर आवाज बुलंद करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा।
125 रुपये प्रतिदिन भुगतान पर जताया असंतोष
आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न कार्यों के लिए लगातार जिम्मेदारी निभाती हैं, लेकिन वर्तमान में उन्हें महज 125 रुपये प्रतिदिन का भुगतान किया जाता है। उनका कहना है कि यह राशि सामान्य मजदूरी की तुलना में भी काफी कम है। बजट में मानदेय बढ़ाने की घोषणा के बावजूद कितनी वृद्धि होगी, इसे स्पष्ट नहीं किया गया है।
राज्य कर्मचारी का दर्जा और 26 हजार वेतन की मांग
आशा कार्यकर्ताओं ने प्रोत्साहन राशि की व्यवस्था समाप्त कर उन्हें राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग की। इसके साथ ही न्यूनतम 26 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन निर्धारित करने की भी मांग उठाई गई। उनका कहना है कि स्वास्थ्य व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के बावजूद उनकी आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित नहीं है।
50 लाख रुपये के सुरक्षा बीमा की मांग
आशा कार्यकर्ताओं ने कोविड काल की तर्ज पर 50 लाख रुपये का सुरक्षा बीमा देने की मांग की। इसके अलावा सेवानिवृत्ति के बाद 10 हजार रुपये मासिक पेंशन और ग्रेच्युटी की व्यवस्था करने की मांग भी रखी गई।
अन्य सुविधाओं की भी उठाई मांग
ज्ञापन में सभी परिवारों के लिए आयुष्मान कार्ड, अस्पतालों में आशा रेस्ट रूम, आभा (ABHA) कार्ड से संबंधित बकाया भुगतान और PMVY की लॉगिन आईडी उपलब्ध कराने की मांग भी शामिल रही। कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बजट में घोषित मानदेय वृद्धि की राशि जल्द स्पष्ट करने की अपील की।
इन कार्यकर्ताओं ने सौंपा ज्ञापन
सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपने वालों में निधि सिंह, रिंकू देवी, रीना कुशवाहा, कविता, पुष्पा यादव, सीमा देवी, बबिता देवी, पुष्पा सिंह, सुनीता, नीता देवी, राजकुमारी और सुधा समेत अन्य आशा कार्यकर्ता शामिल रहीं।
