मिर्ज़ापुर
कस्तूरबा विद्यालय की वार्डन के खिलाफ छात्राओं व अभिभावकों का प्रदर्शन
अनुचित व्यवहार और भोजन में अनियमितता का लगाया आरोप, कार्रवाई की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन
मिर्जापुर। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की वार्डन के खिलाफ मंगलवार को छात्राओं, उनके अभिभावकों और एक संविदा कर्मचारी ने प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग की। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार के उपलब्ध न होने पर प्रदर्शनकारियों ने खंड विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच और न्याय की मांग की।
संविदा कर्मचारी ने लगाए मानसिक उत्पीड़न के आरोप
विद्यालय की संविदा कर्मचारी नंदिनी सिंह ने जिलाधिकारी के नाम दिए गए पत्र में आरोप लगाया कि वार्डन उनसे निर्धारित कार्य के बजाय रसोई का काम और बर्तन साफ करवाती थीं। विरोध करने पर मानसिक दबाव बनाया गया और बाद में उन्हें नौकरी से हटा दिया गया।
छात्राओं ने भोजन और व्यवहार को लेकर जताई नाराजगी
ज्ञापन में छात्राओं ज्योति सिंह, आंचल सिंह, राधिका, किरण, चांदनी, आकांक्षा, सोनी, सविता, अनीता देवी तथा उनके अभिभावकों ने आरोप लगाया कि वार्डन छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार करती हैं, निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जाता, दूध में मिलावट की जाती है तथा छात्राओं से घरेलू कार्य कराए जाते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने पर उनका नाम विद्यालय से काट दिया गया, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
वार्डन ने आरोपों को बताया निराधार
विद्यालय की वार्डन सुनीता कुमारी ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि संविदा कर्मचारी को उनके अनुचित व्यवहार के कारण हटाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन छात्राओं का नाम काटा गया, वे दो से तीन माह से विद्यालय नहीं आ रही थीं। वार्डन ने छात्राओं के साथ किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार से इनकार किया।
जांच का दिया गया आश्वासन
खंड विकास अधिकारी वीरेंद्र प्रताप वर्मा ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि उनकी शिकायत और मांगों को शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तक भेजा जाएगा, ताकि नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
