Connect with us

मिर्ज़ापुर

टीबी मरीजों से बेहतर संवाद के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को मिला सॉफ्ट स्किल्स प्रशिक्षण

Published

on

Loading...
Loading...

टीआईएसएस मुंबई के विशेषज्ञों ने काउंसलिंग, संवेदनशील व्यवहार और प्रभावी संवाद के दिए गुर

मिर्जापुर। राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत टीबी मरीजों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने और उन्हें गुणवत्तापूर्ण परामर्श उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सीएमओ कार्यालय मिर्जापुर में दो दिवसीय ‘सक्षम प्रवाह’ काउंसलिंग सॉफ्ट स्किल्स प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। 4 एवं 5 अगस्त को आयोजित इस प्रशिक्षण में टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (टीआईएसएस), मुंबई से आए विशेषज्ञों ने क्षय विभाग के स्वास्थ्य कर्मियों को मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार और प्रभावी संवाद कौशल का प्रशिक्षण दिया।

व्यवहार और संवाद भी उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा

प्रशिक्षक यशपाल सिंह राजपूत ने कहा कि टीबी के सफल उपचार में दवाओं के साथ-साथ स्वास्थ्य कर्मियों का व्यवहार भी अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। कई बार मरीज की मानसिक परेशानी केवल संवेदनशील संवाद और सकारात्मक व्यवहार से ही कम हो जाती है। उन्होंने प्रतिभागियों को मरीजों की भावनाओं और मनोदशा को समझने, समानुभूति (एम्पैथी) विकसित करने तथा निष्पक्ष और सम्मानजनक व्यवहार अपनाने के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

मरीजों का विश्वास जीतने पर दिया गया विशेष जोर

प्रशिक्षिका सुनीता यादव ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों की संवाद शैली, हाव-भाव और बॉडी लैंग्वेज मरीजों के विश्वास को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने बताया कि यदि मरीज सहज और सुरक्षित महसूस करेंगे तो वे बिना झिझक अपनी समस्याएं साझा करेंगे, जिससे उनका उपचार और अधिक प्रभावी होगा।

निःशुल्क उपचार की जानकारी देने की अपील

प्रशिक्षकों ने स्वास्थ्य कर्मियों से कहा कि वे मरीजों को यह भरोसा दिलाएं कि टीबी का इलाज पूरी तरह निःशुल्क है तथा उनकी सामाजिक या आर्थिक स्थिति उपचार में किसी प्रकार की बाधा नहीं बनेगी। साथ ही यह संदेश भी दें कि स्वास्थ्य विभाग उपचार के हर चरण में मरीजों के साथ खड़ा है।

Advertisement

क्षय विभाग के सभी कर्मियों ने लिया प्रशिक्षण

दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में क्षय विभाग के सभी स्वास्थ्य कर्मियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रभावी काउंसलिंग, मरीजों के साथ बेहतर संवाद, मनोवैज्ञानिक सहयोग तथा उपचार के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करने जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने कहा कि संवेदनशील व्यवहार और बेहतर संवाद से टीबी उन्मूलन अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page