गाजीपुर
श्री गुरु दक्षिणा कार्यक्रम में स्वयंसेवकों ने भगवा ध्वज को किया नमन
राष्ट्रसेवा, सामाजिक समरसता और संस्कारों के प्रति समर्पण का लिया संकल्प
संघ के गुरु दक्षिणा कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयंसेवक एवं गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित
सिधौना (गाजीपुर)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के तत्वावधान में रविवार को श्री गुरु दक्षिणा कार्यक्रम श्रद्धा, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति के वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में स्वयंसेवकों ने संघ के परम पवित्र भगवा ध्वज के समक्ष गुरु दक्षिणा अर्पित कर राष्ट्र, समाज और संस्कृति की सेवा के लिए स्वयं को समर्पित करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ ध्वज वंदन एवं संघ प्रार्थना से हुआ।

भगवा ध्वज त्याग और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक
मुख्य वक्ता एवं जौनपुर विभाग के विभाग बौद्धिक प्रमुख मनोज जी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में किसी व्यक्ति विशेष को नहीं, बल्कि भगवा ध्वज को गुरु का स्थान प्राप्त है। उन्होंने कहा कि भगवा ध्वज त्याग, तपस्या, समर्पण, शुचिता और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। स्वयंसेवक सेवा, संगठन और संस्कार के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर राष्ट्र निर्माण का कार्य करते हैं।
सामाजिक समरसता और संगठन पर दिया बल
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कार्यवाह मुकेश जी, सह जिला बौद्धिक प्रमुख हरिसरण जी तथा खंड प्रचारक रवि जी ने संगठन की कार्यपद्धति, सेवा कार्यों और सामाजिक समरसता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संघ का उद्देश्य समाज को संगठित कर राष्ट्र को सशक्त बनाना है।
बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने की सहभागिता
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों एवं गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। उपस्थित प्रमुख लोगों में वरिष्ठ पत्रकार विन्ध्येश्वरी सिंह, शिवाजी मिश्र, नंदलाल सिंह, अखिलेश मिश्र, पंकज मिश्र, करुणाशंकर मिश्र, उपेंद्र मिश्र ‘पप्पू’, जितेंद्र सिंह, सच्चिदानंद सिंह, लवप्रकाश सिंह, शिवशंकर सिंह, लालबहादुर सिंह, अभिषेक ‘सिम्पू’, अनिल सिंह, नंदलाल मिश्र, घनश्याम मिश्र, सुभाष दीक्षित, प्रदीप सिंह और सुधीर सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
अंत में स्वयंसेवकों ने गुरु दक्षिणा अर्पित करते हुए राष्ट्रहित में निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन संघ प्रार्थना और “भारत माता की जय” के उद्घोष के साथ हुआ।
