भदोही
काशी नरेश विश्वविद्यालय की 75वीं वर्षगांठ पर संगोष्ठी, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर हुआ मंथन
विकसित भारत के निर्माण में तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास को बताया अहम, सांसद व डीएम ने रखे विचार
ज्ञानपुर (भदोही)। काशी नरेश विश्वविद्यालय, भदोही में संस्थान की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर भव्य संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में “विकसित भारत के निर्माण में गुणवत्तापूर्ण एवं तकनीकी शिक्षा की भूमिका” विषय पर विशेषज्ञों और अतिथियों ने विचार व्यक्त किए।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सांसद डॉ. विनोद बिंद, जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा, जिलाधिकारी शैलेष कुमार और कुलपति प्रो. उमा श्रीवास्तव ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
ज्ञान और हुनर से ही साकार होगा विकसित भारत : सांसद
मुख्य अतिथि सांसद डॉ. विनोद बिंद ने कहा कि काशी नरेश विश्वविद्यालय की 75 वर्षों की यात्रा शिक्षा, संस्कार और समाज सेवा की प्रेरणादायक कहानी है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय से विश्वविद्यालय बनने की उपलब्धि शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत की परिकल्पना में मातृशक्ति का सशक्तिकरण बेहद जरूरी है। महिलाओं की शिक्षा और आत्मनिर्भरता राष्ट्र निर्माण की बड़ी शक्ति है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास को अपनाने का आह्वान किया।
शोध और नवाचार का केंद्र बनेगा विश्वविद्यालय : डीएम
जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने विश्वविद्यालय की 75वीं वर्षगांठ पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि काशी नरेश विश्वविद्यालय लंबे समय से क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि भदोही शिक्षा के क्षेत्र में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा विश्वविद्यालय स्थापना की घोषणा के बाद यहां उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर बढ़े हैं। वर्तमान में विश्वविद्यालय में नौ आधुनिक और रोजगारपरक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जो विद्यार्थियों को तकनीकी और व्यावसायिक रूप से सक्षम बनाने में सहायक हैं।
शिक्षा समाज विकास का सबसे प्रभावी माध्यम : जिला पंचायत अध्यक्ष
जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षा समाज के सर्वांगीण विकास का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर की उत्कृष्ट शैक्षणिक संस्था बनाने के लिए सभी से मिलकर प्रयास करने की अपील की।
नई शिक्षा नीति से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा ने कहा कि नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, रोजगारपरक और तकनीकी शिक्षा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी केवल डिग्री देने तक सीमित नहीं है, बल्कि सक्षम और आत्मनिर्भर युवाओं का निर्माण करना भी है।
विश्वविद्यालय ने तय किए विकास के नए आयाम : कुलपति
कुलपति प्रो. उमा श्रीवास्तव ने विश्वविद्यालय की 75 वर्षों की विकास यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्था आधुनिक शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य विद्यार्थियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप दक्ष और जिम्मेदार नागरिक बनाना है।
अतिथियों का हुआ सम्मान
संगोष्ठी में शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, महिला सशक्तिकरण और कौशल विकास जैसे विषयों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों को स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद, प्राध्यापक, शोधार्थी, विद्यार्थी, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
