बलिया
बारिश में जिला अस्पताल का ट्रामा सेंटर बेहाल, धंसा फर्श और जलभराव से बढ़ी परेशानी
वेंटिलेटर निष्क्रिय होने और संसाधनों के अभाव पर उठे सवाल, मरीजों को नहीं मिल रहीं अपेक्षित सुविधाएं
बलिया। जिला अस्पताल परिसर स्थित ट्रामा सेंटर एक बार फिर अव्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में है। लगातार बारिश के बीच आपातकालीन कक्ष से ट्रामा सेंटर और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) कक्ष तक जाने वाले मार्ग पर जलभराव हो गया। इसी दौरान आपातकालीन मार्ग का फर्श धंस जाने से अस्पताल प्रशासन को सुरक्षा के मद्देनजर रास्ते पर ईंटें बिछाकर आवागमन प्रतिबंधित करना पड़ा।
संसाधनों की कमी से प्रभावित हो रही स्वास्थ्य सेवाएं
बताया जा रहा है कि समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन नगर विकास मंत्री नारद राय के प्रयास से बने इस ट्रामा सेंटर का संचालन तो शुरू कर दिया गया, लेकिन संसाधनों और आवश्यक उपकरणों की कमी के कारण मरीजों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रामा सेंटर में मौजूद वेंटिलेटर लंबे समय से उपयोग में नहीं हैं तथा उन्हें संचालित करने के लिए प्रशिक्षित तकनीशियन भी उपलब्ध नहीं हैं।
मरीजों और तीमारदारों में नाराजगी
आरोप है कि घायल मरीजों को आपातकालीन कक्ष से ट्रामा सेंटर भेजा तो जाता है, लेकिन वहां पर्याप्त उपचार सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने से उन्हें अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता। वहीं, ट्रामा सेंटर के लिए खरीदे गए उपकरणों के उपयोग को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
लगातार जलभराव, धंसे फर्श और संसाधनों की कमी से मरीजों एवं उनके परिजनों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों ने ट्रामा सेंटर की व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
