बलिया
बैंक राष्ट्रीयकरण की 57वीं वर्षगांठ पर विचार गोष्ठी, चंद्रशेखर की ऐतिहासिक भूमिका को किया याद
यूपीबीईयू बलिया इकाई ने आयोजित किया कार्यक्रम, वक्ताओं ने सार्वजनिक बैंकों की विरासत बचाने पर दिया जोर
वक्ताओं ने कहा- बैंक राष्ट्रीयकरण आर्थिक लोकतंत्र की आधारशिला, निजीकरण के प्रयासों पर जताई चिंता
बलिया। उत्तर प्रदेश बैंक इम्प्लाइज यूनियन (UPBEU) की बलिया इकाई की ओर से बैंक राष्ट्रीयकरण की 57वीं वर्षगांठ और पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की जन्मशती के अवसर पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “बैंक राष्ट्रीयकरण एवं चंद्रशेखर की ऐतिहासिक भूमिका” रखा गया।
गोष्ठी की अध्यक्षता यूपीबीईयू बलिया के अध्यक्ष कॉमरेड आलोक कुमार सिंह ने की, जबकि संचालन संगठन के सचिव कॉमरेड के. एन. उपाध्याय ने किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता एटक उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष कॉमरेड वी. के. सिंह ने कहा कि बैंक राष्ट्रीयकरण समाजवादी विचारधारा, संसद के भीतर चंद्रशेखर जैसे नेताओं की भूमिका और AIBEA के लंबे जनसंघर्षों का परिणाम था।
उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर ने तत्कालीन राष्ट्रीयकरण विरोधी शक्तियों का वैचारिक मुकाबला करते हुए जुलाई 1969 के बेंगलुरु एआईसीसी अधिवेशन में बैंक राष्ट्रीयकरण के पक्ष में प्रस्ताव पारित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनका मानना था कि वित्तीय व्यवस्था पर राज्य का नियंत्रण होने से जनता की पूंजी का उपयोग देश के विकास में किया जा सकता है।
मुख्य अतिथि एवं AIBEA के संयुक्त सचिव कॉमरेड रजनीश गुप्ता ने बैंक राष्ट्रीयकरण को देश के आर्थिक लोकतंत्र की मजबूत नींव बताया। उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण के प्रयासों को लेकर कर्मचारियों को सजग रहने और संगठनात्मक एकजुटता बनाए रखने का आह्वान किया।
इस अवसर पर कॉमरेड के. के. रस्तोगी सहित अन्य वक्ताओं ने भी बैंक राष्ट्रीयकरण की उपलब्धियों और उसकी विरासत की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के अंत में कॉमरेड के. एन. उपाध्याय ने सभी अतिथियों, पदाधिकारियों और उपस्थित कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
