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गाजीपुर

नए शैक्षणिक सत्र के साथ स्कूली वाहनों की फिटनेस जांच शुरू

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परिवहन विभाग और पुलिस चला रहे विशेष अभियान, सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर होगी कार्रवाई

फिटनेस, जीपीएस, फायर एक्सटिंग्विशर, अनुभवी चालक और ओवरलोडिंग पर विशेष नजर; अभिभावकों से भी सतर्क रहने की अपील

बहरियाबाद (गाजीपुर)। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन ने स्कूली वाहनों की फिटनेस एवं सुरक्षा मानकों की जांच के लिए विशेष अभियान शुरू कर दिया है। अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिन वाहनों से बच्चे स्कूल आते-जाते हैं, वे पूरी तरह सुरक्षित हों और निर्धारित मानकों का पालन कर रहे हों।

अभियान के तहत परिवहन विभाग की टीमें सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों तथा मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप स्कूल बसों, वैन और ऑटो की गहन जांच कर रही हैं। जांच के दौरान वाहन के ब्रेक, टायर, फिटनेस प्रमाणपत्र, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी), वैध बीमा और परमिट की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि वाहन में स्पीड गवर्नर, आपातकालीन निकास द्वार, अग्निशामक यंत्र, प्राथमिक उपचार किट, जीपीएस ट्रैकिंग और सीसीटीवी कैमरे जैसी आवश्यक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं।

अभियान में वाहन चालकों और परिचालकों के दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। नियमों के अनुसार स्कूल बस चालक के पास कम से कम पांच वर्ष का भारी वाहन चलाने का अनुभव होना चाहिए। चालक और परिचालक का पुलिस सत्यापन होना तथा उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड न होना भी अनिवार्य है। इसके अलावा चालक का वर्दी और नेम प्लेट के साथ ड्यूटी पर होना भी जांच का हिस्सा है।

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परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वाहन के आगे और पीछे स्पष्ट रूप से “स्कूल बस” अथवा “ऑन स्कूल ड्यूटी” अंकित होना चाहिए। साथ ही वाहन पर संबंधित स्कूल का नाम और संपर्क नंबर भी प्रदर्शित होना अनिवार्य है।

अधिकारियों का कहना है कि अक्सर कुछ निजी स्कूल और वाहन संचालक अधिक लाभ कमाने के उद्देश्य से बिना फिटनेस, बिना वैध परमिट अथवा क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर वाहन संचालित करते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे वाहनों के विरुद्ध चालान, सीज करने सहित नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

परिवहन विभाग ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों को केवल अधिकृत और सुरक्षित स्कूली वाहनों से ही भेजें। यदि किसी वाहन में सुरक्षा संबंधी कोई कमी दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल स्कूल प्रबंधन या संबंधित विभाग को दें। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना केवल प्रशासन की ही नहीं, बल्कि स्कूल प्रबंधन, वाहन संचालकों और अभिभावकों की भी समान जिम्मेदारी है।

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