गोरखपुर
नौकरी का झांसा देकर 8.37 करोड़ की साइबर ठगी, एक आरोपी गिरफ्तार
गोरखपुर पुलिस ने दो मोबाइल किए बरामद, 10-12 बैंक खातों के जरिए चल रहा था साइबर फ्रॉड का नेटवर्क
पीड़ित के नाम पर खुलवाए गए थे बैंक खाते और सिम कार्ड, ऑनलाइन ग्रुप के माध्यम से होती थी ठगी की रकम की निकासी
गोरखपुर। साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के अभियान के तहत रामगढ़ताल थाना पुलिस और साइबर टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी के आरोप में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से अपराध में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, पुलिस अधीक्षक नगर के निर्देशन, क्षेत्राधिकारी कैंट के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक रामगढ़ताल के नेतृत्व में साइबर टीम ने थाना रामगढ़ताल पर दर्ज मुकदमा संख्या 370/2026 के तहत कार्रवाई करते हुए शिवम साहनी पुत्र कृष्ण मोहन साहनी निवासी झड़वा, थाना रामगढ़ताल को गिरफ्तार किया। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की अतिरिक्त धाराएं भी बढ़ाई गई हैं।
पुलिस के मुताबिक, 11 जुलाई 2026 को पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपियों ने उसे अच्छी नौकरी दिलाने और आर्थिक सहायता का झांसा देकर उसके नाम पर कई सिम कार्ड तथा विभिन्न बैंकों में खाते खुलवा लिए। इसके बाद उन खातों की इंटरनेट बैंकिंग, यूजर आईडी, पासवर्ड और चेकबुक अपने कब्जे में लेकर संगठित तरीके से साइबर ठगी को अंजाम दिया। विरोध करने पर पीड़ित को जान से मारने की धमकी भी दी गई।
जांच के दौरान साइबर टीम ने पाया कि बैंक खातों का एक्सेस एक ऑनलाइन ग्रुप को उपलब्ध कराया जाता था। देश के विभिन्न राज्यों से साइबर ठगी की रकम इन खातों में जमा कराई जाती थी। इसके बाद धनराशि को फोनपे, एटीएम और अन्य माध्यमों से निकालकर आंशिक राशि से यूएसडीटी (USDT) खरीदी जाती थी, जबकि शेष रकम का व्यक्तिगत लाभ के लिए उपयोग किया जाता था।
पुलिस जांच में अब तक यह तथ्य सामने आया है कि 10 से 12 बैंक खातों के माध्यम से करीब 8 करोड़ 37 लाख रुपये की साइबर ठगी की गई है। मामले में साइबर नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी शिवम साहनी के विरुद्ध रामगढ़ताल थाने में दर्ज वर्तमान मुकदमे के अलावा गुजरात के बड़ोदरा साइबर थाने में भी साइबर धोखाधड़ी और आईटी एक्ट से संबंधित एक मामला दर्ज है। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
