गाजीपुर
महिलाओं ने पैदल मार्च कर राहुल-अखिलेश का फूंका पुतला
शादियाबाद (गाजीपुर) जयदेश। रविवार को शादियाबाद क्षेत्र में महिला आरक्षण के समर्थन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने अपने अधिकारों और आत्मसम्मान के लिए आवाज़ उठाई।
महिलाओं ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण विधेयक) के विरोध पर नाराज़गी व्यक्त की। सैकड़ों महिलाएं नेहरू इंटर कॉलेज शादियाबाद से पैदल मार्च करते हुए शादियाबाद चौराहे तक पहुंचीं। वहां प्रदर्शनकारियों ने अखिलेश यादव और राहुल गांधी का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया।
मार्च के दौरान महिलाओं ने नारेबाजी करते हुए कहा कि वे अपने अधिकारों के लिए पीछे नहीं हटेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला सशक्तिकरण के रास्ते में आने वाली हर बाधा का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला उपाध्यक्ष राजेश सोनकर ने कहा कि यदि महिला विधेयक कानून सदन में पारित हो जाता, तो संसद में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 81 से बढ़कर 181 हो जाता। उन्होंने विपक्ष पर भारत की आधी आबादी के अधिकारों पर डाका डालने का आरोप लगाया और कहा कि महिलाएं आगामी विधानसभा चुनाव में इसका बदला लेंगी।
कार्यक्रम की अगुवाई नीलम चौबे ने की। इस दौरान भाजपा की जिला मंत्री किरन सिंह, जायसवाल महासभा की जिला अध्यक्ष शकुंतला जायसवाल, चंपा देवी, मंजू बनवासी सहित कई महिला कार्यकर्ता मौजूद थीं। आशा गुप्ता, प्रतिमा सिंह, विभा, चंदा देवी, सुनीता राजभर, रीता राजभर और प्रियंका कुमारी समेत बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी इसमें भाग लिया।
भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय पदाधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। इनमें मंडल अध्यक्ष मनिहारी प्रथम प्रदीप कुमार सिंह, जिला उपाध्यक्ष राजेश सोनकर, जिला महामंत्री वीरेंद्र चौहान और जिला मंत्री हंसराज राजभर प्रमुख थे।
वक्ताओं ने ज़ोर दिया कि यह लड़ाई केवल आरक्षण की नहीं, बल्कि सम्मान, समानता और पहचान की है। उन्होंने कहा कि महिलाएं अब हर स्तर पर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जागरूक और संगठित हो चुकी हैं। इस प्रदर्शन को समाज में बदलाव की एक मजबूत पहल के रूप में देखा जा रहा है।
