वाराणसी
“धरातल पर दिखे विकास” – ऊर्जा मंत्री की सख्त चेतावनी
वाराणसी। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शहर में चल रही विकास परियोजनाओं का प्रभाव धरातल पर साफ दिखाई देना चाहिए। काशी प्रवास के दौरान सर्किट हाउस में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सीएम ग्रिड योजना और वैश्विक नगरोदय योजना के तहत कार्यों में तेजी लाई जाए, ताकि वाराणसी को एक आधुनिक और सुव्यवस्थित शहर के रूप में विकसित किया जा सके।
मंत्री ने जलभराव की समस्या को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में यह समस्या उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। इसके लिए नगर निगम और जलकल विभाग को आपसी समन्वय के साथ तय समय सीमा में कार्य पूर्ण करना होगा। उन्होंने स्वच्छता व्यवस्था, जल निकासी और विद्युत आपूर्ति को लेकर भी अधिकारियों को गुणवत्ता और गति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आगामी बारिश के मौसम को देखते हुए नालों की सफाई में तेजी लाने और सड़कों के किनारे इंटरलॉकिंग कार्य को प्राथमिकता से पूरा करने को कहा। साथ ही अतिक्रमण हटाने के लिए प्रभावी अभियान चलाने पर जोर दिया, जिससे शहर की व्यवस्था और यातायात सुगम हो सके।
बैठक में उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए मंत्री ने महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि एक किलोवाट तक के विद्युत कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं का कनेक्शन नेगेटिव बैलेंस होने पर भी नहीं काटा जाएगा। वहीं दो किलोवाट तक के उपभोक्ताओं को अधिकतम 200 रुपये तक की राहत दी जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि किसी भी उपभोक्ता का कनेक्शन काटने से पहले अनिवार्य रूप से पांच चरणों में एसएमएस अलर्ट भेजा जाए।
इसी क्रम में ऊर्जा मंत्री ने शहर में अत्याधुनिक ‘24×7 वैन’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन विशेष वाहनों का उद्देश्य विद्युत फॉल्ट को कम समय में ठीक करना और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है। आधुनिक उपकरणों और सुरक्षा संसाधनों से लैस ये वैन हर प्रकार की तकनीकी समस्या से निपटने में सक्षम होंगी। इन पर तैनात टीमें प्रतिदिन आठ-आठ घंटे की तीन शिफ्टों में कार्य करेंगी, जिनमें सुपरवाइजर, लाइनमैन और हेल्पर शामिल रहेंगे।
मंत्री ने कहा कि इन बहुउद्देशीय आपातकालीन वाहनों के संचालन और नियमित लाइन सर्वे के माध्यम से न केवल विद्युत लाइनों की आयु बढ़ेगी, बल्कि आम जनता को बिजली कटौती से भी राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि ये टीमें हाईटेंशन लाइनों के रखरखाव, ट्रांसफॉर्मर बदलने, भूमिगत और एबी केबल के फॉल्ट सुधार, क्षतिग्रस्त खंभों की मरम्मत, पेड़ों की छंटाई और लाइन क्लीयरेंस जैसे कार्यों को तत्परता से पूरा करेंगी। इसके अलावा नियमित सर्वेक्षण के जरिए संभावित फॉल्ट को पहले ही चिन्हित कर दूर किया जाएगा, ताकि आपूर्ति बाधित न हो। बैठक में मेयर अशोक कुमार तिवारी, पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी शंभू कुमार और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
