वाराणसी
जमीन गिरवी रख खिलाड़ियों को दी पहचान, अब खुद सम्मान को तरसे समाजसेवी सुबेदार यादव
वाराणसी। राजातालाब तहसील क्षेत्र के अदमापुर महनाग गांव के मूल निवासी समाजसेवी सुबेदार यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलने की इच्छा जताते हुए मंडलायुक्त वाराणसी को प्रार्थना पत्र सौंपा है। दिए गए ज्ञापन में उन्होंने लिखा है कि “मैं वोट हूं, देश का भविष्य हूं, मुझसे ही देश के सांसद और प्रधानमंत्री बनते हैं, मैं भी देश के सरकारी सिस्टम का एक हिस्सा हूं।”
सुबेदार यादव ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि वर्ष 2013 में उन्होंने अपनी जमीन गिरवी रखकर पहलवान खिलाड़ियों के लिए एक भव्य अखाड़े का निर्माण कराया, जहां आज भी क्षेत्र के खिलाड़ी कुश्ती का अभ्यास कर देश का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसी अखाड़े को देखकर भारत सरकार ने वर्ष 2016 में उनके ग्राम सभा अदमापुर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय पुरस्कार के लिए चयनित किया और वर्ष 2018 में ग्राम सभा को उक्त पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जिसमें प्रधानमंत्री द्वारा ग्राम प्रधान को दिल्ली में सम्मानित किया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि अखाड़े के निर्माण में स्वयं की जमीन गिरवी रखने और निजी धन लगाने के बावजूद उन्हें इस सम्मान से उपेक्षित रखा गया। उन्होंने इसे अपने वोट के अधिकार और सम्मान के साथ भेदभाव बताया है।
सुबेदार यादव ने बताया कि पहले गांव के पहलवान खिलाड़ी खुले मैदान में अभ्यास करते थे, जहां बारिश में मिट्टी गीली हो जाती थी और गर्मियों में अत्यधिक परेशानी होती थी, जिससे नियमित अभ्यास संभव नहीं हो पाता था। इस समस्या को देखते हुए उन्होंने सेवापुरी ब्लॉक के महनाग गांव में अखाड़ा बनवाया, जहां अब क्षेत्र के लड़के और लड़कियां कुश्ती के दांव-पेच सीखने आते हैं।
उन्होंने अपने बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वह एक गरीब किसान परिवार से हैं और प्रयागराज के हंडिया पॉलिटेक्निक सरकारी कॉलेज से पॉलिटेक्निक इंजीनियरिंग का कोर्स करने के साथ वहीं से एनसीसी की तीन वर्ष की प्रशिक्षण भी प्राप्त कर चुके हैं।
