वाराणसी
सीजीएचएस वेलनेस सेंटर की बदहाल व्यवस्था से मरीज परेशान, प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सुधार की उठी मांग
तत्काल पहल करने की अपील
वाराणसी। जिले के बड़ालालपुर स्थित सीजीएचएस (केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना) वेलनेस सेंटर की अव्यवस्थित व्यवस्था को लेकर पेंशनर्स और लाभार्थियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। इस संबंध में एक सदस्य द्वारा प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया गया है और तत्काल सुधार की मांग की गई है।
पत्र में बताया गया है कि शुरुआत में वेलनेस सेंटर सुचारु रूप से संचालित हो रहा था, लेकिन समय के साथ डॉक्टरों और स्टाफ की संख्या में कमी आ गई है। वर्तमान में केवल एक ही डॉक्टर पूरे सेंटर की जिम्मेदारी संभाल रहा है, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बताया गया है कि डॉक्टर को प्रशासनिक, वित्तीय और अन्य कार्यों के साथ-साथ प्रतिदिन 50-60 मरीजों को देखना पड़ रहा है। इस अत्यधिक कार्यभार के कारण कई मरीज बिना इलाज के वापस लौटने को मजबूर हो रहे हैं।
लाभार्थियों ने यह भी शिकायत की है कि सुबह 6 बजे से ही मरीजों की लंबी कतार लग जाती है, जो पंजीकरण के लिए घंटों इंतजार करते हैं। यह स्थिति गर्मी और सर्दी दोनों मौसम में बनी रहती है, जिससे बुजुर्ग मरीजों को विशेष रूप से कठिनाई होती है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह वेलनेस सेंटर सीजीएचएस प्रयागराज के अंतर्गत संचालित हो रहा है, जिसके कारण मेडिकल क्लेम, नए कार्ड और अन्य सेवाओं में देरी हो रही है।

लाभार्थियों ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि इस मामले में हस्तक्षेप कर तत्काल कम से कम एक अतिरिक्त डॉक्टर और आवश्यक स्टाफ की नियुक्ति की जाए। साथ ही वाराणसी में एक स्वतंत्र सीजीएचएस वेलनेस सेंटर स्थापित करने की भी मांग की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो मरीजों की समस्याएं और बढ़ सकती हैं।
दूसरे सेंटर की भी हालत खराब
बड़ालालपुर के अलावा वाराणसी में एक और वेलनेस सेंटर लहुराबीर के नाम से सुंदरपुर में संचालित हो रहा। यह सेंटर भी एक डॉक्टर के भरोसे चल रहा है और यहां का हालत भी कमोबेश बड़ालालपुर सेंटर जैसा ही है।
प्रतिदिन करीब 70 से 80 मरीजों का रजिस्ट्रेशन होता है लेकिन एक डॉक्टर के द्वारा एक दिन में 55–60 मरीजों से ज्यादा देखना संभव नहीं हो पाता है। वाराणसी में 60 से ज्यादा केंद्रीय कार्यालय हैं जहां हजारों की संख्या में केंद्रीय अधिकारी व कर्मचारी कार्यरत हैं। वाराणसी के अलावा आसपास के जनपद में डिस्पेंसरी की सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में वाराणसी के आसपास के जनपद के केन्द्रीयकर्मी और पेंशनर्स इलाज या रेफरल के लिए काफी संख्या में वाराणसी का रुख करते हैं। लेकिन डिस्पेंसरी में डॉक्टर की कमी के कारण लोगों को निराशा का सामना करना पड़ता है।
