गाजीपुर
जलियांवाला बाग के शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि, गूंजा देशभक्ति का स्वर
गाजीपुर। मोहम्मदाबाद तहसील अंतर्गत ग्रामसभा मुर्की खुर्द स्थित शम्स मॉडल स्कूल के प्रांगण में बेनजीर अंसार एजुकेशनल एंड सोशल वेलफेयर सोसाइटी, भोपाल द्वारा जलियांवाला बाग हत्याकांड के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने शहीदों के बलिदान को नमन करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

सभा को संबोधित करते हुए अदनान रजा ने कहा कि 13 अप्रैल 1919 को ब्रिटिश शासन द्वारा पारित रोलेट एक्ट के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे निहत्थे लोगों पर जनरल माइकल ओ डायर के आदेश पर अंधाधुंध गोलियां चलवाई गईं। इस भीषण घटना में सरकारी आंकड़ों के अनुसार 379 लोग शहीद हुए, जिनमें 337 पुरुष, 41 नाबालिग बच्चे तथा एक 6 सप्ताह का मासूम भी शामिल था। उन्होंने कहा कि इस अमानवीय घटना की मिसाल दुनिया में दुर्लभ है और हमें इससे प्रेरणा लेकर अन्याय के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।
सामाजिक कार्यकर्त्री आफरीन बेगम ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. सैफुद्दीन किचलू और डॉ. सत्यपाल को बिना मुकदमा चलाए गिरफ्तार किया गया, जिसके विरोध में बैसाखी के दिन शांतिपूर्ण सभा आयोजित की गई थी। उन्होंने कहा कि आज भी देश में कई लोग बिना सुनवाई के जेलों में बंद हैं, ऐसे में हमें शहीदों के संघर्ष से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।

महिमा प्रजापति ने अपने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि इस जघन्य घटना के विरोध में महान कवि रवींद्रनाथ टैगोर ने ब्रिटिश सरकार द्वारा प्रदत्त ‘नाइटहुड’ की उपाधि लौटा दी थी, जो उनके राष्ट्रप्रेम और आत्मसम्मान का प्रतीक है।
कार्यक्रम में प्रिंसिपल निखत परवीन ने कहा कि इस तरह की श्रद्धांजलि सभाएं समाज को इतिहास से सीख लेने और देशभक्ति की भावना को सुदृढ़ करने का अवसर प्रदान करती हैं। अंत में उन्होंने संस्था के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर संध्या खरवार, आयशा सिद्दीकी, संजू पासवान, विनोद कुमार, पूनम यादव, रिंकू यादव, प्रियांशु यादव, सानिया खातून, नाजिम रजा, एकता मौर्य, तन्नू कुमारी और रूपा भारती सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
