वाराणसी
टीजीटी परीक्षा में सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़, 25-25 हजार के दो इनामी आरोपी गिरफ्तार
चेतगंज पुलिस और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई, चौकाघाट से दबोचे गए आरोपी
फर्जी आधार कार्ड और एडमिट कार्ड के जरिए कराते थे परीक्षा में धांधली
वाराणसी। टीजीटी परीक्षा में मूल परीक्षार्थियों के स्थान पर सॉल्वर बैठाकर धांधली कराने वाले गिरोह के दो इनामी आरोपियों को चेतगंज पुलिस और सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने उन्हें चौकाघाट स्थित लकड़ी मंडी के पास से दबोचा और उनके कब्जे से बड़ी मात्रा में फर्जी दस्तावेज बरामद किए।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दौलत कुमार निवासी टेमाभेला, थाना ग्वालपारा, जिला मधेपुरा (बिहार) तथा नितीश कुमार निवासी थर्बिटिया रतनपुरा, जिला सुपौल (बिहार) के रूप में हुई है।
प्रतियोगी परीक्षाओं में पास कराने के नाम पर वसूलते थे मोटी रकम
चेतगंज थाना प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार शुक्ला ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से परीक्षा में फर्जीवाड़े और वित्तीय लेन-देन से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
पूछताछ में आरोपी दौलत कुमार ने स्वीकार किया कि वह विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने के नाम पर परीक्षार्थियों से संपर्क करता था और उनसे मोटी रकम वसूलता था। इसके बाद वह सॉल्वर की व्यवस्था कर असली अभ्यर्थी की जगह परीक्षा दिलाने का काम करता था।
एडिटेड आधार कार्ड और एडमिट कार्ड तैयार करता था गिरोह
पुलिस के अनुसार गिरोह फर्जी एवं एडिटेड आधार कार्ड तथा एडमिट कार्ड तैयार कर सॉल्वर को उपलब्ध कराता था। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर सॉल्वर मूल परीक्षार्थी बनकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश करते थे।
गिरफ्तार आरोपी नितीश कुमार ने भी पूछताछ में इस पूरे नेटवर्क में अपनी भूमिका स्वीकार की है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
4 जून को भी पकड़े गए थे सॉल्वर और मददगार
पुलिस ने बताया कि बीती 4 जून को आयोजित टीजीटी परीक्षा के दौरान भी मूल परीक्षार्थी के स्थान पर परीक्षा दे रहे एक सॉल्वर और उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। उसी मामले की जांच के दौरान इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही थी।
नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि मामले में बरामद दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की जा रही है। गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए ऐसे संगठित गिरोहों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
